स्वराज सिंह
पाकुड़: संताल जनजाति की पारंपरिक व्यवस्था में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है, जब मोंगलाबाद निवासी विक्रम टुडू को परगनैत पद की सनद प्रदान की गई। यह उपाधि संताल समुदाय के विकास और कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। शुक्रवार को अनुमंडल कार्यालय परिसर पाकुड़ में अनुमंडल पदाधिकारी साईमन मरांडी ने विक्रम टुडू को परगनैत सनद उपाधि प्रदान की। इस अवसर पर स्थानीय समुदाय के लोगों ने भाग लिया और विक्रम टुडू को बधाई दी। विक्रम टुडू ने इस उपाधि को प्राप्त करने पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “मैं इस उपाधि को प्राप्त करने के लिए आभारी हूं। मैं अपने समुदाय के विकास और कल्याण के लिए काम करूंगा और संताल जनजाति की पारंपरिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दूंगा।”
अनुमंडल पदाधिकारी साईमन मरांडी ने कहा, “विक्रम टुडू की नियुक्ति से संताल समुदाय में एक नए युग की शुरुआत होगी। हमें विश्वास है कि वह अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरह से निभाएंगे। यह पद प्रधान से ऊपर का पद होता है। सरकार इन्हें सफलता अनुसार सम्मानित 3000 रुपया राशि दे रही है। इनका मामला करीब 2009-10 से फंसा हुआ था, जिसे अब सुलझा लिया गया है। साथ ही इन्हें एसपीटी एक्ट और संविधान की किताब भी उपलब्ध कराई गई है। मेरा विजन है कि जहां-जहां पर पद रिक्त हैं, उन्हें भरवाने की कार्यवाही की जाए।”
उन्होंने आगे कहा, “यह उपाधि संताल समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे हमारे समुदाय के विकास में तेजी आएगी। हम विक्रम टुडू को इस उपाधि के लिए बधाई देते हैं और उनके सफल कार्यकाल की कामना करते हैं। विक्रम टुडू की नियुक्ति से संताल समुदाय में नई ऊर्जा का संचार होगा और समुदाय के विकास में महत्वपूर्ण योगदान होगा। इस उपाधि के माध्यम से संताल समाज की पारंपरिक व्यवस्था को और भी मजबूती मिलेगी और विक्रम टुडू के नेतृत्व में समुदाय के लोग एकजुट होकर अपने अधिकारों और विकास के लिए कार्य करेंगे। इस अवसर पर स्थानीय नेताओं और समाजसेवियों ने भी विक्रम टुडू को बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की कामना की। उन्होंने कहा कि विक्रम टुडू की नियुक्ति से संताल समाज को एक नई दिशा मिलेगी और उनके नेतृत्व में समुदाय के लोग अपने पारंपरिक मूल्यों को संरक्षित रखते हुए आधुनिकता की ओर अग्रसर होंगे। विक्रम टुडू ने अपने संबोधन में कहा कि वह संताल समाज के विकास और कल्याण के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और समुदाय के लोगों के साथ मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि वह अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे और संताल समाज की पारंपरिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देंगे। इस प्रकार, विक्रम टुडू की परगनैत सनद उपाधि प्राप्ति से संताल समाज में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है और समुदाय के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
विक्रम टुडू के पास निम्नलिखित प्रमुख जिम्मेदारियां होंगी
- न्याय प्रणाली: पारंपरिक विवाद समाधान प्रणालियों का उपयोग करते हुए स्थानीय विवादों का निपटारा करना।
- सामुदायिक संसाधन प्रबंधन: वन, जल और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को सुनिश्चित करना।
- सांस्कृतिक संरक्षण: संताली भाषा, कला और परंपराओं के संरक्षण और प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाना।
- आर्थिक विकास: स्थानीय कौशल और संसाधनों का उपयोग करके रोजगार के अवसर सृजित करने में मदद करना।
- शिक्षा और स्वास्थ्य: समुदाय में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार लाना।






