हिट एंड रन मुआवजा, कैशलैस इलाज, ड्रंक एंड ड्राइव अभियान और iRAD/eDAR पोर्टल की समीक्षा, सड़क दुर्घटनाओं में त्वरित कार्रवाई के निर्देश।
पाकुड़। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में जिले के सभी थाना प्रभारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह ने बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि दुर्घटना प्रबंधन से लेकर पीड़ितों को सरकारी सहायता दिलाने तक हर प्रक्रिया समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेही के साथ पूरी की जाए। बैठक में मोटर वाहन अधिनियम के तहत वाहन जांच अभियान को और प्रभावी बनाने, नियम तोड़ने वालों पर त्वरित कार्रवाई करने तथा चालान की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी रखने पर विशेष जोर दिया गया। लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन और कानून के समान रूप से पालन के निर्देश भी दिए गए।
सड़क दुर्घटनाओं में हिट एंड रन के मामलों में पात्र पीड़ितों और आश्रितों को मिलने वाली सरकारी अनुग्रह राशि समय पर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की विस्तार से समीक्षा की गई। आवेदन, आवश्यक दस्तावेज और थाना स्तर पर निभाई जाने वाली जिम्मेदारियों को लेकर सभी थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। आपदा प्रबंधन के तहत सड़क दुर्घटना में मृतकों के आश्रितों को मिलने वाले मुआवजे का लाभ बिना अनावश्यक विलंब के उपलब्ध कराने पर भी बल दिया गया। ड्रंक एंड ड्राइव अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए ब्रीथ एनालाइजर सहित अन्य उपकरणों के सही उपयोग, जांच की प्रक्रिया तथा जुर्माना अधिरोपण एवं वसूली की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले गुड सेमेरिटन (नेक नागरिक) को मिलने वाले प्रोत्साहन और सम्मान की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। बैठक में दुर्घटना पीड़ितों के लिए लागू कैशलैस उपचार योजना की समीक्षा करते हुए प्रथम उपचार से लेकर अंतिम चिकित्सा तक सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं सड़क दुर्घटनाओं का शत-प्रतिशत और समयबद्ध डिजिटल रिकॉर्ड iRAD/eDAR पोर्टल पर दर्ज करने तथा उसकी गुणवत्ता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा व्यावसायिक और मालवाहक वाहनों पर रेडियम रिफ्लेक्टिव टेप अनिवार्य रूप से लगाने, रात्रि के समय दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए थाना स्तर पर नियमित अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। बैठक के समापन पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल कानून लागू करने का विषय नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाने की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि दुर्घटना प्रबंधन से जुड़े प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता, तत्परता और समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि आम नागरिकों को त्वरित राहत और सुरक्षित यातायात व्यवस्था का लाभ मिल सके। बैठक में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक, जिला रोलआउट मैनेजर अंकित कुमार तथा जिले के सभी थाना प्रभारी उपस्थित रहे।





