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June 13, 2026 6:43 pm

कभी अनावृष्टि कभी अतिवृष्टि कभी ओलावृष्टि से किसान परेशान

दुमका:इस वर्ष वारिश नहीं होने से जहाँ खरीफ फसल में मुख्यतः धान, मकई,एवं अन्य फसलों का किसान नुकसान झेल रही है ।वही खरीफ फसल के साथ साथ रबी फसलों को नुकसान हो रहा है ।जो कि बारिश नहीं होने से तालाब,नदी,नाला,कुआँ का जलस्तर काफी नीचे होने के कारण जिस मात्रा में रबी फसल की खेती होना था वह नहीं हो पाया ।जो भी कुछ लगा है वह भी किसानों को ओलावर्ष्टि का भेंट चढ़ने का डर सता रहा है।किसानों को भय है कि इस ओलावृष्टि से आलू,प्याज, सरसों, अरहर एवं अन्य फसलों को भारी नुकसान हो सकता हैं ।खरीफ फसल नहीं होने से किसानों को पूंजी के अभाव रहने से कर्ज लेकर किसी तरह सब्जी,दलहन,तेलहन एवं अन्य रबी की खेती किया।खरीब फसल का उपज नहीं होने और सिंचाई का अभाव होने से किसान जितना क्षेत्र में खेती करना चाहते थे उतना क्षेत्र में नहीं कर सका। यदि धान का उत्पादन होता तो धान बेचकर भी सब्जी एवं अन्य रवि फसल की खेती के लिए पुंजी कर लेते थे । किसान ओलावृष्टि से बचाव के लिए प्राकृतिक एवं घरेलू तरीके को अपनाकर बचाव कर रहे हैं। भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष जयप्रकाश मंडल ने विभागीय पदाधिकारी से अनुरोध किया है की ओलावृष्टि से बचाव के लिए समय रहते क्या-क्या उपाय किए जाए इसकी जानकारी किसानों को देना चाहिए । “का वर्षा जब कृषि सुखाने” वाली कहावत चरितार्थ हो जाएगी इस समय पदाधिकारी एवं कृषि विशेषज्ञों को आगे आकर समय रहते जानकारी देना चाहिए ताकि किसान उस उपाय को अपनाकर अपने फसलों को बचा सके।

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