इकबाल हुसैन
महेशपुर प्रखंड के अंबेडकर चौक पर स्थित बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर शुक्रवार को झामुमो प्रखंड अध्यक्ष अनारुद्दीन मियां के नेतृत्व में दर्जनों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओ ने बारी बारी से मल्यार्पण कर श्रृद्धा सुमन अर्पित कर जयंती मनाई । वही झामुमो प्रखंड अध्यक्ष ने बताया की बाबा साहेब ने कमजोर लोगों के अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया। इस साल बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की 132वीं जयंती मनाई । संविधान के निर्माता, दलितों के मसीहा और मानवाधिकार आंदोलन के प्रकांड विद्वता बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का जन्मदिवस हर साल 14 अप्रैल को मनाया जाता है। डॉ. अंबेडकर की जयंती पर उनके जनकल्याण के लिए किए गए अभूतपूर्व योगदान को याद किया जाता है। बाबा साहेब निचले तबके से तालुक रखते थे। बचपन से ही समाजिक भेदभाव का शिकार हुए। यही वजह थी कि समाज सुधारक बाबा भीमराव अंबेडकर ने जीवन भर कमजोर लोगों के अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया। महिलाओं को सशक्त बनाया। इस मौके पर झामुमो प्रखंड सचिव माइकल मुर्मू ने बताया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने कमजोर और पिछड़ा वर्ग को समान अधिकार दिलाने, जाति व्यवस्था का कड़ा विरोध कर समाज में सुधार लाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। यही वजह है कि बाबा साहेब की जयंती को भारत में जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न जैसी सामाजिक बुराइयों से लड़ने, समानता दिवस और ज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने जाति व्यवस्था का कड़ा विरोध कर समाज में सुधार लाने का काम किया है।
मौके पर कुणाल अल्फ्रेड हेंब्रम,पप्पू अंसारी,नजरूल शेख,कालिदास सोरेन ,हसीबुल शेख,नसीम अहमद,रोसेन,ईमानवेल समेत दर्जनों झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे ।







