संजीव सिंह
छत्तीसगढ़: राजधानी रायपुर के नया-रायपुर में 24 -26 फरवरी को होने वाले कांग्रेस के राष्ट्रीय महाधिवेशन से ठीक चार दिन पहले ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के द्वारा कांग्रेस के बारह से अधिक नेताओं के घर में छापे से पुरे प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। इस मामले में कांग्रेस और बीजेपी एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। ईडी के इस छापे को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेन ने ट्वीट कर केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए लिखा, “——मेरे कई साथियों के घरों पर आज ईडी ने छापा मारा है। चार दिनों के बाद रायपुर में कांग्रेस का महाधिवेशन है। तैयारियों में लगे साथियों को इस तरह रोककर हमारे हौसले नहीं तोड़े जा सकते। भारत जोड़ो यात्रा की सफलता से और अडानी की सच्चाई खुलने से भाजपा हताश है। यह छापा ध्यान भटकाने का प्रयास है। देश सच जानता है। हम लड़ेंगे और जीतेंगे।” इधर कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने बीजेपी को घरते हुए कहा, “रायपुर में तीसरे दर्जे की प्रतिशोध की राजनीति हो रही हैं, जिसका उदाहरण हमारे सामने है। ”
वही बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा की , छत्तीसगढ़ के गरीबों के खून-पसीने की कमाई को लूटा जा रहा है और प्रदेश का मुखिया लुटेरों के साथ खड़ा हैं।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महाधिवेशन के ठीक पहले ईडी का छापा इस अधिवेशन को शायद और भी रोमांचकारी बना दे !






