सुबल यदुवंशी
हिरणपुर:– खेल-खेल में बच्चों को अक्षर ज्ञान देने के लिए सरकार ने ग्रामीण अंचल व गांव में आंगनबाड़ी केंद्र खोले हैं, इनमें आंगनबाड़ी वर्कर बच्चों को शिक्षित करते हैं, उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते पौष्टिक आहार देते हैं, आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण कार्य पिछले छे वर्षों से ठप है, भवन का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है, योजना को पूरा कराने के प्रति अधिकारी गंभीर नहीं है, जबकि पाकुड़ उपयुक्त श्री वरुण रंजन ने जिले के सभी बीडीओ को आदेश दिए है जितने भी अपूर्ण आंगनबाड़ी भवनों को जल्द पूर्ण करने करे, इनके वजूद भी हिरणपुर प्रखंड के विभिन्न गांवों में मनरेगा योजना के तहत विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता थमने का नाम नहीं ले रहा है, कूप व तालाब खुदाई में अनियमितता के बाद अब नया ताजा मामला हिरणपुर प्रखंड के डांगापाडा, मंझलाडीह, बड़ताला, घघरजनी, बरमसिया यदि पंचायतों में दर्जनों आंगनबाड़ी भवन के निर्माण में देखने को मिला है, यहां प्राक्कलन के विरुद्ध कार्य किया जा रहा है, योजना स्थल पर ग्रामीणों के जानकारी से संबंधित सूचना पट भी नहीं लगाया गया है, निर्माण कार्य के ईंट जोड़ाई में बालू व पत्थर का डस्ट दोनों को प्रयोग में लाया जा रहा है, जबकि नियम है कि केवल बालू का इस्तेमाल किया जाना चाहिए, इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा होने लगा है, मौके पर उपस्थित कार्य कर रहे मजदूरों ने भी डस्ट मिलाने की पुष्टि की है, जबकि किसी भी कीमत पर पत्थर का डस्ट देने का प्रावधान नहीं है, योजना स्थल पर भी पत्थर का डस्ट देखा गया, इसके अलावा पिलर में कहीं कहीं 12 एमएमएम के जगह 10 एमएम छड़ का भी इस्तेमाल किया गया है, इस तरह घटिया कार्य किया गया तो कभी भी हादसा हो सकता है, जिससे बच्चे की जान खतरे में पड़ सकती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जिन्हें योजना के निरीक्षण की जिम्मेवारी है, वह कभी कभार ही योजना स्थल पर आते हैं।






