पाकुड़ जिले के हिरणपुर स्थित मवेशी हाट में निर्माणाधीन नई चारदीवारी को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। हाट परिसर के पूर्व और पश्चिम दिशा में रहने वाले खतियानी रैयतों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि दशकों से वे इस क्षेत्र में निवास कर रहे हैं और ब्रिटिश काल से ही मवेशी हाट के चारों ओर बनी चारदीवारी में आवागमन के लिए कई रास्ते छोड़े गए थे। समय के साथ मिट्टी भराव के कारण पुरानी चारदीवारी छोटी हो गई थी, जिसके बाद अब डीएमएफटी फंड से नई चारदीवारी का निर्माण कराया जा रहा है। आरोप है कि 16 मई को भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता, हिरणपुर अंचलाधिकारी और बीडीओ द्वारा सभी खुले रास्तों को पूरी तरह बंद करने का निर्देश दिया गया है। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि रास्ते बंद कर दिए गए तो वे अपने ही घरों में सीमित होकर रह जाएंगे और दैनिक जीवन प्रभावित होगा। ग्रामीणों ने बताया कि हाट सप्ताह में केवल एक दिन लगता है, जबकि वे प्रतिदिन इसी परिसर का उपयोग आने-जाने, बच्चों के खेलने, बुजुर्गों के टहलने, मंदिर में पूजा-अर्चना और चापाकल से पानी लेने के लिए करते हैं। साथ ही, उनकी नियमित आवाजाही के कारण परिसर में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा भी नहीं होता।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सभी रास्तों को पूरी तरह बंद करने के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने यह भी प्रस्ताव दिया है कि यदि सुरक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यक हो, तो वे स्वयं खुले स्थानों पर गेट लगाने को तैयार हैं।






