सतनाम सिंह
पाकुड़ सिन्धी गुरूद्वारे में ईस्ट देव झूलेलाल की जयंती नव वर्ष के रूप में गुरुवार मनाई गई । शोभायात्रा निकाली गई । शोभायात्रा गुरूद्वारे से निकल कर मालगोम रोड होते हुए विवेकानंद चौक वापस सिंधी गुरुद्वारा पहुंची । झूलेलाल सिन्धी हिन्दुओं के उपास्य देव हैं जिन्हें ‘इष्ट देव’ कहा जाता है। उनके उपासक उन्हें जल देवता यानी वरूण देव का अवतार मानते हैं। वरुण देव को सागर के देवता, सत्य के रक्षक और दिव्य दृष्टि वाले देवता के रूप में सिन्धी समाज पूजता है।उनका विश्वास है कि जल से सभी सुखों की प्राप्ति होती है और जल ही जीवन है। जल-ज्योति, वरुणावतार, झूलेलाल सिंधियों के ईष्ट देव हैं जिनके आगे दामन फैलाकर सिंधी यही मङ्गल कामना करते हैं कि सारे विश्व में सुख-शान्ति बना रहे और चारों दिशाओँ में हरियाली और समृद्धि बने रहे।









