संजीव सिंह
पाकुड़ : नगरपालिका के पाँच सदस्य जाँच दल शहर के मुख्य चौको पे पॉलीथिन जाँच अभियान चलाया । पिछले साल भी ऐसे अभियान चलाये गए थे और अभियान के पूर्व जागरूकता के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया था, विशेषकर के माइकिंग। आम जनता ने उस समय काफी सहयोग भी किया था और ७५ माइक्रोन के पॉलीथिन के ऊपर जारूकता और इसका प्रचलन भी बढ़ा था।
जाँच दल से बात करने पे ये बताया गया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से जनवरी माह २०२३ से १२० माइक्रोन या इससे ऊपर के पॉलीथिन का ही इस्तेमाल किया जा सकता हैं और पाकुड़ नगरपालिका ने इस सम्बन्ध में कुछ अख़बार में इस्तहार निकला था। हालांकि चौक के अधिकांश दुकानदारों और झारखंड आंदोलन के दो नेता ने बताया कि पिछले बार कि तरह माइकिंग होने से अच्छा होता क्यूँकि प्रतिदिन कमाने और खाने वालो को अफसर के जैसे अख़बार पढने का समय नहीं हैं। दुकानदारों ने यह भी सुझाव रखा कि जो पॉलीथिन के सप्लायरस हैं उन्हें चिन्हित कर उनको इस सम्बन्ध में जागरूक करना बहुत ही जरूरी हैं। साथ ही, बंगाल से जो माल पाकुड़ आ रहा हैं उसमे भी रोक लगाना जरूरी हैं। नहीं तो भविष्य में इस तरह के छापे सिर्फ एक दिखावा बनकर सिर्फ भय और शंका का माहौल बनाएग।
इस सम्बन्ध में दुकानदारों और दोनों नेताओ ने नगरपालिका कार्यपालक पदाधिकारी से फोन पे बात की और ये सारे सुझाव रखे जिसे अधिकारी ने समझा और इस पे सहयोग करने का आश्वासन दिया। ये तो भविष्य ही बताएगा कि पाकुड़ नगरपालिका का पॉलीथिन जाँच अभियान – कितना सफल रहा ?





