राजकुमार भगत
पाकुड़: प्रांतीय यादव महासभा द्वारा पाकुड़ के राजापाड़ा स्थित कालीतल्ला समुदायिक भवन में आज
कुश्ती को विश्व में महत्वपूर्ण स्थान दिलाने वाले महान कुश्ती प्रशिक्षक,श्रेष्ठ पहलवान तथा पद्मश्री एवं द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित गुरु हनुमान उर्फ विजयपाल यादव जी की 23 वीं जयंती मनाई गई।प्रांतीय यादव महासभा के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।युवा कार्यकारी जिला अध्यक्ष कृष्णा यादव ने एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए संगठन को मजबूत करने के कई आधारभूत निर्देश दिए। जबकि जल्द ही सभी प्रखंडों में बैठक को लेकर योजना तैयार करने को लेकर पाधाधिकारियो से तलब की गई। वही उन्होंने गुरु हनुमान की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा की,
कुश्ती के साथ ब्याह करने वाला अहीर।
कुश्ती का कोहिनूर अहीर
झुंझनु के चिड़ावा में जन्मे गुरु हनुमान उर्फ विजय पाल यादव को
कुश्ती में उनकी उपलब्धियों को लेकर उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया
इस अहीर ने ही भारतीय कुश्ती को विश्व पटल पर पहचान दिलाई। भारत मे जो आज कुश्ती है उसमें काफी हद तक गुरु हनुमान का बहुत बड़ा योगदान है।
पहलवानों के मंदिर के रूप में दिल्ली में गुरु हनुमान अखाड़े की स्थापना की और आजीवन बह्मचारी रहकर अपने आप को कुश्ती को सौप दिया
अगर कहे कि कुश्ती में ये कोहिनूर रहे तो अतिश्योक्ति नही होगी।
हीरे बहुत होते है लेकिन कोहिनूर एक ही है। इसलिए कुश्ती का कोहिनूर गुरु हनुमान को ही कहा जाता है।उन्होंने ही पहलवानों को रोजगार देने के लिए सरकार से सिफारिस की थी जिस कारण आज पहलवानों को आज नौकरी मिल रही है।वे भारतीय कुश्ती में माहिर थे उन्होंने भारतीय कुश्ती एवं फ्री स्टाइल कुश्ती का आपस में योग कर कई एशियाई पहलवान दिए। *मौके में मौजूद* युवा जिलासचिव नकुल यादव,कोषाध्यक्ष जय घोष सोशल मीडिया प्राभारी बैधनाथ यादव पाकुड युवा प्रखड अध्यक्ष मिथुन यादव , प्रखंड सचिव गोविंद घोष , राजा यादव पारसनाथ घोष, लालचंद घोष रजय घोष प्रोशनजीत घोष विक्रम यादव|








