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May 14, 2026 12:20 am

यौन अपराध में चिकित्सीय जांच संबंधित निर्देश की दी गई जानकारी।

सतनाम सिंह

झालसा रांची के निर्देशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री बालकृष्ण तिवारी की अध्यक्षता में बैठक हॉल में जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के सचिव शिल्पा मुर्मू के नेतृत्व में माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा द स्टेट ऑफ झारखंड बनाम शैलेंद्र कुमार राय @पांडव राय के आदेश के आलोक में कोई भी व्यक्ति जो न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन में द फिंगर टेस्ट या प्रतियोगी परीक्षा कथित रूप से यौन उत्पीड़न के शिकार व्यक्ति की जांच करते समय आयोजित करता है तो वह कदाचार का दोषी होगा । बलात्कार मामलों में असंवैधानिक क्रूर अमानवीय बताया। डीएलएसए के सभी पैनल अधिवक्ता एवं पीलवी के साथ बैठक कर इन सब बिंदु में चर्चा की गईं।

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