सीईओ ने कहा जेएसएलपीएस किसी पहचान की मुहताज नहीं
सतनाम सिंह
पाकुड़। स्थानीय रानी ज्योतिर्मयी स्टेडियम में जिला प्रशासन और जेएसएलपीएस के संयुक्त तत्वाधान में प्रारंभ किए गए तीन दिवसीय राष्ट्रीय जूट महोत्सव का समापन बुधवार को विजय हांसदा के द्वारा किया गया। समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे राजमहल लोकसभा के सांसद विजय हांसदा, जेएसएलपीएस के सीईओ सूरज कुमार, उपायुक्त वरुण रंजन, पुलिस अधीक्षक एच.पी जनार्दनन, जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी रजनीश कुमार उपस्थित रहे।
समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद विजय हांसदा ने कहा कि राज्य सरकार पाकुड़ और साहिबगंज जिला के जूट की खेती में जुड़े किसानों को आने वाले दिनों में कई सौगात देने की तैयारी राज्य सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य की पहचान खनिज से की जाती है परंतु राज्य सरकार राज्य की पहचान जमीन से उगने वाली फसल के रूप में करने का प्रयास कर रही है। जूट से जुड़े किसान का उत्थान हो और उन्हें उनके उत्पाद का सही कीमत मिले इसका प्रयास राज्य सरकार कर रही है। सांसद ने किसानों के समस्याओं के समाधान में सहयोग करने की बात भी कही। उपायुक्त वरुण रंजन ने जूट महोत्सव के सफल आयोजन को लेकर इससे जुड़े सभी लोगों को धन्यवाद देते हुए राज्य सरकार की तहे दिल से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव आयोजन करना एक चुनौती थी लेकिन सभी लोगों के सकारात्मक प्रयास से यह आयोजन पूरी तरह से सफल रही है। स्टाल में 4 लाख की खरीद बिक्री हुई।421 लोगों को प्लेसमेंट विभिन्न कंपनियों के द्वारा किया गया।
मौके पर मौजूद जेएसएलपीएस के सीईओ श्री सूरज कुमार ने जुट से जुड़े किसानों के लिए विस्तृत रिपोर्ट पेश की।उन्होंने कहा कि जेएसएलपीएस किसी पहचान की मोहताज नहीं है आज जेएसएलपीएस से जुड़ कर दिदियां एक नई मुकाम हासिल कर रही है।योजना के माध्यम से 3 साल में 20 कंपनियों ने 130 करोड़ का बिजनेस किया है। मौके पर जेसीआई से जुड़े कई वैज्ञानिकों ने भी अपने विचार को साझा किया। समापन सत्र का धन्यवाद ज्ञापन जेएसएलपीएस के डीपीएम प्रवीण मिश्रा के द्वारा किया गया। मौके पर जिले के समस्त वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।










