बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता अभियान आयोजित
गोड्डा : सदर प्रखंड के चिलौना, हरिपुर, कसबा, गरबन्ना, भेड़ा आदि गांवों में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से बाल विवाह के विरुद्ध जागरुकता अभियान चलाया गया। इस दौरान डालसा की टीम ने ग्रामीण समूह की महिलाओं के साथ मिलकर ग्रामीणों को बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने का आह्वान किया। टीम के सदस्यों ने कहा कि जिले में बाल विवाह की सर्वाधिक घटना हो रही है। इस कलंक को एक अभियान चलाकर ही मिटाया जा सकता है। मौके पर टीम के पीएलवी बासुदेव मणीनंदन कुमार ने कहा कि बाल विवाह आधुनिक समाज के विकास में बाधक है। आज दुनियां विकास की ओर अग्रसर हैं। बावजूद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी अपनी नाबालिग बेटी की शादी रचाने में लगी हैं। जब तक समाज के सभी वर्गों का सहयोग तब तक बाल विवाह नहीं रूकेगी। कहा गया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत किसी भी 21 वर्ष से कम आयु के बालक और 18 आयु वर्ग की बालिका का विवाह निषेध है। यदि ऐसा विवाह होता है तो वह अमान्य माना जाता है। अगर इस आयू वर्ग से कम उम्र के बालक- बालिका की शादी होती है शादी में शामिल वर-वधु के माता-पिता, पंडित, नाई, बाराती आदि के लिए सजा व जुर्माना का प्रावधान है। अभियान में पीएलवी नवीन कुमार सहित बिजली देवी, पथरगामा की अनुसेवक चंपा देवी, उषा कुमारी, रिंकी देवी, पानो देवी, पियों देवी आदि शामिल थीं।





