सतनाम सिंह
पाकुड़: सरकार व विभाग आदिवासी बहुल इलाकों के ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति कराने हेतु काफी गंभीर हैं, लेकिन संबंधित ठेकेदार व अधिकारी की मनमानी के कारण लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।सदर प्रखंड के चेंगाडांगा पंचायत के आदीवासी बहुल गांव राजबांध में पेयजल व स्वच्छता विभाग ने उपरी टोला में सोलर पानी टंकी जल नल योजना के तहत 1 बर्ष पहले लगाई थी।सोलर पानी टंकी पुराने चापाकल में लगाई गई थी। इसे लगाने के बाद कुछ महीना ठीक-ठाक चल कर टंकी में पानी नहीं चढ़ रहा है और न ही उपरी टोला के 40 घरों के लोगों को एक बूंद पानी मिल रहा है। यह टंकी शोभा की वस्तु बनकर लोगों को मुंह चिढ़ा रहे हैं।ग्रामीण संगीता ने कहा कि सोलर पानी टंकी लगने से पूर्व चापाकल चलाकर कर पानी का उपयोग करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि सोलर टंकी लगाने के समय कुछ दिन टंकी से पानी मिला है उसके बाद से ही पानी नहीं निकल रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि ठेकेदार ने धोखाधड़ी की है।जैसे-तैसे सोलर टंकी लगाकर खानापूर्ति की गई है। ग्रामीण गांव के चापाकल जो दूर में मौजूद हैं उससे पानी लाने व प्यास बुझाने को विवश हैं। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से कोई लाभ नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह योजना गांव के हित में नहीं, ठेकेदार की झोली भरने के लिए की गई है।








