यासिर अराफात
पाकुड़। पाकुड़ के राज + 2 उच्च विद्यालय में मदरसा हेतु मौलवी मैट्रिक और हाफिज की परीक्षा रविवार को आयोजित की गई । परीक्षा 10 बजे प्रारंभ होनी वाली थी लेकिन प्रश्न पत्र बनाने में विलंब होने के कारण परीक्षा लगभग 2 घंटे विलंब से प्रारंभ हुई । परीक्षा दंडाधिकारी के अनुसार परीक्षा के दिन ही प्रश्न पत्र तैयार किया जाना था जिसके कारण परीक्षा में 2 घंटा विलंब हुआ,विलंब होने के कारण इधर परीक्षार्थियों ने भारी हंगामा किया । परीक्षार्थियों ने तरह _ तरह के आरोप लगाए । 8 तारीख को परीक्षा की तिथि निर्धारित की गई थी परीक्षार्थियों का कहना था कि परीक्षा जब 9 तारीख को होने वाली है तो नोटिस में 8 तारीख को परीक्षा का जिक्रे आखिर क्यों किया गया ? साथ ही परीक्षार्थियों ने सेटिंग वेटिंग का भी आरोप लगाया पहले से ही सब कुछ सेटिंग किया हुआ है जिसमें रिश्वतखोरी का मामला लग रहा है। अभ्यार्थियों ने लगभग 1500000 रुपए रिश्वत लेने का आरोप लगाया। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि रिश्वत लेने का हम लोगों के पास पूरा ऑडियो और वीडियो है जरूरत पड़ने पर इन वक्त में उस वीडियो को लीक किया जाएगा,परीक्षा को बहिष्कार करने का भी ऐलान किया। जिन अभ्यर्थियों का सेटिंग वेटिंग है उन लोगों ने रिश्वत देकर पहले ही पेपर भर दिया है।परीक्षार्थियों ने कहा कि प्रश्न पत्र लीक किया गया है,बहाली पहले हो गई है और दिखावे के लिए परीक्षा हो रही है । परीक्षा भवन में परीक्षा के दौरान कई परीक्षार्थियों ने ये भी आरोप लगाया कि प्रश्न पत्र और उत्तर पत्र के बीच में मिलान नही हो रहा है कहीं ये भ्रष्टचार की निशानी तो नहीं है है । हालांकि काफी समझाने के बाद परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी । परीक्षा हॉल में दो एक्सपर्ट के अलावा परीक्षा दंडाधिकारी भी मौजूद थे। परीक्षा दंडाधिकारी ने अभ्यर्थियों के सारे आरोप को खारिज करते हुए बताया कि अभ्यार्थियों की मांग थी कि परीक्षा के दिन ही प्रश्न पत्र तैयार हो इसलिए परीक्षा के चंद घंटे पहले डी ई ओ मैडम के सामने प्रश्न पत्र तैयार किया गया वह भी ऑन कैमरा। परीक्षार्थियों के सारे आरोप बेबुनियाद है। उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इस परीक्षा में मैट्रिक पद के 18 में से 17 परीक्षार्थी तथा मौलवी पद के 15 परीक्षार्थियों में 12 परीक्षार्थियों ने भाग लिया है, हालांकि हाफिज की परीक्षा देने आए दो परीक्षार्थियों को वापस किया गया कारण बताया गया कि कम से कम 4 परीक्षार्थी हाफिज का होना चाहिए अन्यथा हाफिज की परीक्षा नहीं हो सकती है परंतु हाफिज की परीक्षा देने केवल दो ही अभ्यर्थी आए हुए थे जिस कारण उनको परीक्षा हॉल में नहीं प्रवेश करने दिया गया।







