गोड्डा:- गोड्डा जिला के पथरगामा प्रखंड के पीपरा पंचायत होपनाटोला गाँव में शुक्रवार को देर शाम को सरहूल परब मनाया गया। कुड़मी विकास मोर्चा के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार महतो जी ने बताया कि आदिवासियों का सबसे महत्वपूर्ण प्रकृति का महापर्व सरहूल परब के रूप में मनाया जाता है। आदिवासियों के प्रेम के प्रतीक रूप में सरहूल परब पूरे झारखंड प्रदेश में धूम धाम से मनाया जाता है यह रबी फसल कटने के बाद ही नये वर्ष के रूप में मनाया जाता है बसंत ॠतु के आगमन होते ही साल वृक्ष (सखुआ) का पूजा किया जाता है इस समय जंगल क्षेत्र में वृक्षों में नये नये पतों व फूलों से रंग विरंग देखने को मिलते हैं सरहूल को फूल परब से भी जाना जाता है आदिवासियों का हर पर्व प्रकृति से जुड़ी हुई है सरहूल परब प्रकृति और सृजन शक्ति को समर्पित है। सरहूल परब में नाच गान नगाड़ा, मांदर की थाप से झूमर गाकर बड़े हर्षोल्लास के साथ अखाड़ा में ही मनाया जाता है मोके पर उपस्थित कुड़मी विकास मोर्चा के केन्द्रीय उपाध्यक्ष मालेश्वर महतो, जिला कोषाध्यक्ष दीपक कुमार महतो, सचिव निताई महतो, प्रखंड कोषाध्यक्ष मुकेश कुमार महतो, अजय डुंगरीआर, बर्जून महतो, राजेश महतो, पवन महतो, कलावती महतो, दीप्ति श्री महतो, काजल महतो, सोनी महतो, मंजू महतो, कटकी कुमारी आदि लोग उपस्थित थे।








