सुदीप कुमार त्रिवेदी
अपने स्थापना काल से ही कमी व अभावों की दंश को झेलता आ रहा पाकुड़ जिले का एकमात्र सदर अस्पताल, वर्तमान सिविल सर्जन डाo मंटू टेकरीवाल के कार्यकाल में सकारात्मक परिवर्तन के दौर में करवट लेता दिख रहा है । कभी चारों ओर गंदगी के अंबार के बीच साँस लेते इस सदर अस्पताल की काया पलट हो चुकी है । अस्पताल प्रांगण घुसते ही स्वच्छता व साफ सफाई के आवरण में आच्छादित उक्त अस्पताल की रंग रोगन की गई भवन अपनी बीमारी के इलाज हेतु आए रोगियों को प्रथम दृष्टया सुकून का अहसास कराता हुआ प्रतीत होता है। सदियों से चिकित्सकों की कमी को झेलने वाले इस सदर अस्पताल के बाबत सिविल सर्जन ने बताया कि सुधारात्मक कार्यवाही के मद्देनजर एवं चिकित्सकों की कमी को देखते हुए DMP से कुल बीस एमबीबीएस चिकित्सकों का आदेश हुआ था, इस आदेश के आलोक में रोस्टर के आधार पर अभी तक दस चिकित्सक आए हैं । सिविल सर्जन की माने तो जिला मुख्यालय स्थित एक मात्र सदर अस्पताल एवं कारा मंडल की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उक्त अस्पताल में एक महिला चिकित्सक को अपरिहार्य किया गया है इतना ही नहीं पेयजल आपूर्ति के लिए अस्पताल में बोरिंग भी करवाई गई है । इसके अतिरिक्त सिविल सर्जन ने डिजिटल एक्सरे मशीन, बिजली, फोगिंग मशीन, मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना, ममता वाहन जैसे कई मुद्दे पर सकारात्मक प्रक्रिया के अपनाए जाने की बात कही। बताते चले कि वर्तमान सिविल सर्जन मंटू टेकरीवाल खुद निजी स्तर पर निःशुल्क यू एस जी का कार्य देख रहे हैं । इस बाबत सिविल सर्जन ने बताया कि वे एक चिकित्सक ही हैं एवं उसी भाव से वे हर माह लगभग 40 यु एस जी करते हुए मरीजों की सेवा कर रहे हैं । हालाँकि इस दौरान सिविल सर्जन ने अस्पताल को और भी बेहतर बनाने में आम नागरिकों की सकारात्मक भूमिका को भी अति आवश्यक बताया ।




