लकड़ी माफिया के सामने वन विभाग ने टेके घुटने।
प्रशांत मंडल
लिट्टीपाड़ा (पाकुड़)लिट्टीपाड़ा पश्चिम भाग के अंतर्गत जंगलों में पेड़ कटाई का अवैध कारोबार जोरो पर है। माफियाओं द्वारा धड़ल्ले से वनों की कटाई की जा रही है। सूत्र की माने तो साहिबगंज जिला के बरहेट थाना क्षेत्र कदमा व तलबड़िया एवं गोड्डा जिला के सुंदर पहाड़ी थाना क्षेत्र के धमनी की माफिया भी इन दिनों लिट्टीपाड़ा के जंगलों में सक्रिय हैं। यहां के भोले भाले आदिम जनजाति समुदाय के लोगों को चंद पैसों का लालच देकर ओने पोने दाम में खरीदते हैं फिर माफिया रातो रात एकत्रित कर गंतव्य स्थान तक पहुंचाते हैं। माफिया के चालाकी के आगे वन विभाग सफेद हाथी साबित हो रहा है। क्योंकि विभाग के गार्ड, कर्मी, फॉरेस्टर आदि पेड़ की देख भाल के लिए नियुक्त किए गए हैं ताकि कोई भी हरे भरे जंगलों को कांट न सके। लेकिन विभाग के कर्मियों को चुना लगाते हुए धड़ल्ले से अवैध पेड़ो की कटाई जोरो पर है।पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के चलते जंगल मैदान में तब्दील हो रहे है। सूत्र की माने तो क्षेत्र के जामजोड़ी पंचायत,कुंजबोना पंचायत, जोरडिहा,करमाटांड पंचायतों में पेड़ों की अवैध कटाई जोरों पर है। जंगलों से काटी जा रही लकड़ियों को वन माफिया द्वारा पश्चिम बंगाल रातों रात लेकर जाते है। इन दिनों लकड़ी माफिया लिट्टीपाड़ा के जंगलों से चांदी काट रहा है।लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा इस ओर ध्यान न देकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वन माफियाओं के हौंसले बुलंद होते जा रहा है।जहां सरकार द्वारा लाखो रुपए जंगल को बचाने में लगाए जा रहे है,दूसरी ओर माफिया उजाड़ने में लगा हुआ है।






