मोड़ पर बेरीटेक लगाने को पुलिस प्रशासन को कई बार किया गया आग्रह,
यहां मोड़ है अवैध वसूली का गढ़, इसलिए प्रशासन नहीं चाहती है कि कोई गाड़ी रुके
सतनाम सिंह
पाकुड़: जिले में ऐसे दर्जनों मोड़ है,जहां आए -दिन सड़क हादसे होते रहते हैं। इनमें से ज्यादातर हादसे सड़क की बदतर स्थिति, सड़क के के किनारे साइन बोर्ड की व्यवस्था नहीं होने, लोगों में जागरूकता की कमी और सड़क किनारे जमी धूल के कारण होती है।लेकिन, इन दुर्घटनाओं से प्रशासन कोई सीख नहीं लेती। इन सड़़कों पर विभाग व स्थानीय प्रशासन की ओर से सड़़क दुर्घटना के लिए एहतियात बरतने के लिए कोई दिशा निर्देश भी नहीं लगा हुआ है।शनिवार की रात एक बहुत बड़ी दुर्घटना होते हुए टला है।दरअसल मालपहाड़ी ओपी क्षेत्र के चेंगाडांगा मोड़ में शनिवार की रात एक चार चक्का वाहन पत्थरघटा की ओर से आ रही थी इस दौरान चेंगाडांगा मोड़ स्थित तीखी मोड़ को ख्याल नहीं किया और गाड़ी सीधा पुल के पिलर को टक्कर मारते हुए सड़क किनारे गड्ढे पर गई। गाड़ी में बैठे लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।काफी तीखा मोड़ होने की वजह से आए दिन इस मोड़ पर दुर्घटना की खबर आती रहती है।खनन क्षेत्र और इस मोड़ के समीप क्रेशर मशीन होने को लेकर इस मोड़ के आसपास गिट्टी, डस्ट काफी मात्रा में सड़क पर फैले हुए है जो एक्सीडेंट का मुख्य कारण बनते है जिससे दो चक्का वाहन काफी स्लिप कर सड़क पर गिरते है और बड़े वाहन जो तीखा मोड़ होने की वजह से सामने से आ रहे वाहन को देख नही पाते है जिस वजह से इस मोड़ पर हमेशा दुर्घटनाएं होती रहती है। दरअसल इस तीखा मोड़ पर वेरीगेटिंग लगाने को लेकर जिला प्रशासन से लेकर पुलिस प्रशासन तक को कई बार अवगत कराया गया है लेकिन पता नहीं इस मोड़ पर पुलिस प्रशासन को क्या फायदा है जो वेरीकटिंग लगाने में कोई दिलचस्पी नहीं लेते हैं। बताया जा रहा है कि इस मोड़ पर पुलिस प्रशासन का आदमी भी रहता है जो दिन-रात गाड़ियों का हेराफेरी करते नजर आते हैं।






