अक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस पर किया पथराव, मौके से पीछे हटी पुलिस
डीटीओ,एमवीआई व पुलिस, तीनों की मेहरबानी से होता नगर क्षेत्र पर अवैध परिवहन का खेल।
सतनाम सिंह
पाकुड । पाकुड़ में चोरी और दुर्घटना आम बात हो गई है। शनिवार को नगर थाना क्षेत्र के मुख्य सड़क पर टीनबांग्ला केनरा बैंक के समीप दोपहर में एक तेज रफ्तार गिट्टी भरा ट्रैक्टर टोली संख्या जेएच – 17 यू/7474 ने बैंक के बाहर खड़े दो व्यक्ति को बुरी तरह से रौंद डाला जिससे मौके पर ही दोनो युवक ने दम तोड दिया। दुर्घटना होते ही ड्राइवर एवं सहचालक ट्रैक्टर से कूदकर फरार हो गया। बताया जा रहा है कि दोनों गांधईपुर के रहने वाले चाचा भतीजा है जो शेफाउल शेख़ पिता असगर शेख़ ब बाबर शेख़ पिता मर्फुल शेख के पुत्र है। दोनों की उम्र लगभग 22 एवं 23 वर्ष बताई जा रही है। घटना की सूचना पुलिस को दी गई पुलिस के देर से पहुंचने पर ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। प्राप्त सूचना के अनुसार ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव भी कर दिया जिससे कुछ देर के लिए पुलिस को पीछे हटना पड़ा।घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने मृतक का शव सड़क पर रख सड़क को जाम कर दिया और उचित मुआवजा की मांग करने लगे। पुलिस के द्वारा घटना की खबर अंचल अधिकारी को देने के बाद अंचल निरीक्षक देवकांत सिंह एवं नगर थाना प्रभारी शह प्रशिक्षु डीएसपी अजय आर्यन मौके पर पहुंच उचित मुआवजा का आश्वासन देने के बाद दोनो शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सोनाजोडी भेजा जा सका। पूछताछ करने पर आसपास के लोगों ने बताया की नो एंट्री के बावजूद ट्रैक्टर काफी तेज गति आ रहा था अचानक ट्रैक्टर और ट्रॉली के बीच का हैच टूट गया जिसके कारण ट्रैक्टर बाएं तरफ बैंक की ओर मुड़ गया और सीधे वहां खड़े दो व्यक्ति के रौंद डाला जिससे मौके पर ही दोनों ने दम तोड़ दिया। इस घटना से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में गहरा आक्रोश है।
बिना कागजात के रोजाना होता है सैकडों ट्रैक्टर अवैध परिवह
पाकुड जिले में पुलिस,डीटीओ,एमवीआई की मेहरबानी पर बिना कागजात के रोजाना सैकड़ो ट्रैक्टर बिना रजिस्ट्रेशन के अवैध परिवहन कर रहे है । कितने ट्रैक्टर और ट्राली में नंबर तक नहीं है और शान से चलते हैं। डीटीओ,एमवीआई और पाकुड़ पुलिस को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता अपना काम बनता भाड़ में जाए जनता। यही कहानी चरितार्थ हो रही है। पाकुड़ ट्रैफिक पुलिस इंचार्ज,डीटीओ और एमवीआई जिनकी नाकामी और लालच के चलते आज दो नौजवान की मौत हो गई। अगर नियम कानून कड़ाई से पालन होता और नो एंट्री में गाड़ी प्रवेश नहीं होता तो घटना शायद नहीं घटती। आखिर बिना रजिस्ट्रेशन की गाड़ी कैसे चलता है। टास्क फोर्स गठन का क्या ओचित्य रह गया है। जब तक प्रशासन सही दिशा में काम नहीं करेगी आए दिन घटनाएं होती रहेगी। आवश्यकता इस बात की है इसे मिल बैठकर ट्रैफिक नियमों को करण कड़ाई से पालन करें।
पाकुड सदर अस्पताल सोना जोड़ी की लापरवाही खुल कर सामने आई हैं,घटना स्थल की जगह से कई व्यक्तियों ने सीएस से लेकर सदर अस्पताल फोन किया लेकिन लापरवाही खुल हुई उजागर








