सतनाम सिंह
पाकुड़: जिले के पाकुड़िया प्रखंड अंतर्गत खक्सा गांव की दीदी बिलाली किस्कू समूह में जुड़ने से पहले छोटा-मोटा खेती का काम करती थी और सिर्फ धान का फसल उगाती थी रवि फसल में ज्यादा दिलचस्पी नहीं था जब यह समूह में जुड़ी तो गांव में आजीविका कृषि मित्र और बीआरपी लाइवलीहुड तथा एफटीसी के द्वारा इस उन्नत खेती के बारे में जानकारी दिया गया और किस मौसम में किस फसल में ज्यादा लाभ होगा इसके बारे में जानकारी दिया गया तथा इससे जैविक खेती के बारे में बताया गया यह दीदी अभी भिंडी, तरबूज, बैगन, करेला, कद्दू तथा टमाटर का फसल लगाए हैं और धूप के सीजन में टमाटर का पौधा सुख ना जाए उसके लिए इन्होंने ऊपर जालीदार यानी मच्छरदानी से छांव दिया है जिसमें पौधे को डायरेक्ट पूरा धूप न लगे और पौधा सूख न जाए जिससे अभी यह टमाटर में यह दीदी अच्छा मुनाफा कमा रही है इस प्रकार से यह दीदी का महीने में लगभग 12 हजार रुपए खेती से इनकम हो रही है। यह धन्यवाद देना चाहती है झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी को जिन्होंने इस खेती-बाड़ी के विषय में प्रशिक्षित कर इसके आजीविका में संवर्धन किया है। वहीं जेएसएलपीएस बीपीएम निर्मल बैध ने बताया कि प्रखंड अंतर्गत और अनेक स्थानों पर जैसे खक्सा,पलासी, गौपीनाथ पुर,उदयपुर, सरसाबांध सहित अन्य पैंच में महिला किसान जैविक खेती से जुड़े हुए हैं और वह महिला किसान भी आज के दौरान अच्छी आमदनी कर रही हैं।





