योजना के उद्देश्य की श्रृंखला की कड़ी दलालों के कारण रही है टूट
हिरणपुर से जितेंद्र यदुवंशी की रिपोर्ट
(पाकुड़) किसानों के कल्याण एवं उनकी आय में वृद्धि करने के लिए झारखंड सरकार द्वारा एक नई योजना का शुभारंभ किया गया। लेकिन बिचौलिया की मिली भगत से यह योजना अपना दम तोड़ रही हैं। बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यम से सरकार द्वारा राज्य के किसानों को पौधे प्रदान किए गए। इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा एक किसान परिवार को कम से कम 100 और अधिक से अधिक 300 पौधे उपलब्ध कराए गए। जिससे किसानों को उनकी आय में वृद्धि हो सके लेकिन इसमें भी बिचौलिया हावी है। हम बात कर रहे हैं लिट्टीपाड़ा प्रखंड के फूल पहाड़ी पंचायत के फूल पहाड़ी गांव की जहां बिरसा हरित ग्राम योजना में बिचौलिया ने लूट मचाया हुआ है । धरातल में योजना तो है लेकिन बिचौलिया हावी होने से एक भी पौधे नजर नहीं आ रहे हैं। जहां कहा जाता है कि पौधे लगाए जीवन बचाएं। बिचौलिया बता रहे हैं योजना से पैसा कमाएं क्या इस मामले में बीडीओ भी एक्शन नहीं लेते हैं। क्या बिचौलिया को थोड़ा सा भी भय नहीं है ?
क्या कहते हैं बीडीओ
दूरभाष के माध्यम से बीडीओ ने पूछने पर बताया कि जिओ टेक करके भेजिए ।
क्या कहते हैं ग्रामीण।
की बिरसा हरित ग्राम योजना राज्य के किसानों की जिंदगी बदल रही है राज्य के किसान आम का बागान लगाकर आज अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं झारखंड सरकार ने इस योजना को कोविड संकट के दौरान लागू किया था लॉकडाउन के दौरान महानगरों से अपने घर आए मजदूरों को इस योजना से सबसे अधिक फायदा हुआ। लिट्टीपाड़ा प्रखंड के फूल पहाड़ी पंचायत फूल पहाड़ी गांव में बिरसा हरित ग्राम योजना बिचौलिया पूरी तरह हावी है। योजना तो है साहब लेकिन एक भी पौधे नजर नहीं आ रहे हैं। जैसे की कनीया अभियंता बीपीओ मुखिया पंचायत सचिव सभी मिली जुली सरकार बनाकर इस योजना का दम तोड़ रहे हैं।
बिरसा हरित ग्राम योजना के नियम।
इस योजना के तहत गांव में प्रति यूनिट के हिसाब से 100 फलदार पौधे की रोपाई की जाती। है इनमें 24 आम के पौधे 24 अमरूद के पौधे 22 इमारती के पौधे 25 नींबू के पौधे और 5 सहजन के पौधे लगाए जाते हैं इसके अलावा कुछ इलाकों में रोजगार के लिए पौधे की भी रोपाई की जाती है।






