सुदीप कुमार त्रिवेदी
झारखंड राज्य की सरकार सहयोगी दल के साथ अपना शासन चला रही है परंतु 5 वर्ष कार्यकाल पूर्ण होने वाली है सरकार के द्वारा वादा खिलाफी का कार्य जनहित में किया है और अपना वोट बैंक की राजनीति करती है । शिक्षित बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने की बात कही थी परंतु वादा पूरा नहीं किया हर साल पढ़े लिखे युवाओं को विभागों से नियुक्ति निकाल कर उन्हें नौकरी दी जाएगी परंतु नौकरी देने में टालमटोल करती रही तथा हर जिलों में प्रभारी मंत्री 20 सूत्री के द्वारा बैठक बंद हो गई जिस वजह से विभागों में जनहित में खर्च होने वाले हिसाब किताब लेने वाला कोई नहीं है । बोर्ड तथा समिति का गठन नहीं हो पाया है । सिर्फ झारखंड में कुर्सी का खेल चलता रहा है एवं मीनिंग से लीज का खेल जोर शोर से चल रहा है । राज्य सरकार के बड़े बड़े नेता सिर्फ लोक लुभावन वाला भाषण देते हैं । पहले अपना गिरेवान को झांके की कितना भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे हुए उनके आका । सांसद के घर से 300 करोड़ रूपया मिलता है मंत्री के पर्सनल असिस्टेंट के घर से 30 करोड़ मिलता है कई भ्रष्टाचार जेल में बंद है तो कोई बाहर है यह लोग भ्रष्टाचार को ही शिष्टाचार बना लिए और जनता की भलाई की बात कहते हैं उन लोगों को जनता को बताना चाहिए 5 सालों में राज्य की सरकार जनहित में कौन-कौन कार्य किए हैं उन्हें यह भी उजागर करना चाहिए कि अंतिम व्यक्ति का नाम लेकर उनका सूची दिखानी चाहिए की इन लोगों की विकास भी है और समाज से जोड़ा गया है अचानक जिलों में जनसंख्या वृद्धि हुई है नई-नई चेहरे देखने को मिलती है इसका भी सर्वेक्षण करनी चाहिए जिलों में रोजगार की समस्याएं हैं लोग पलायन कर रहे हैं राज्य सरकार इन बातों से बेखबर होकर कुंभकरण निद्रा में सोई हुई है जनता से कोई मतलब नहीं आने वाला विधानसभा चुनाव में एनडीए पूर्ण बहुमत में आकर सरकार बनाएगी





