आईजी ने की नया आपराधिक कानून के तहत दर्ज कांड का समीक्षा।
यासिर अराफात
पाकुड़: संथाल परगना रेंज के आईजी क्रांति कुमार मंगलवार को पाकुड़ पहुंचे। जहां उन्होंने पाकुड़ समाहरणालय स्थित एसपी कार्यालय का निरीक्षण किया।आइजी 1 जुलाई से लागू की गई नया आपराधिक कानून के तहत दर्ज केस का की जा रही अनुसंधान के बाबत समीक्षा करने पहुंचे थे।मीडिया से मुखातिब हो बताया कि मेरी पोस्टिंग एक माह पूर्व ही दुमका आइजी के पद पर हुई है।पाकुड़ और पाकुड़ की घटनाओं के बारे में एसपी से लगातार जानकारी लेता रहा हूं।लेकिन आज पाकुड़ भ्रमण का मुख्य उद्देश्य है कि 1 जुलाई से लागू हुई न्यू क्रिमिनल एक्ट के तहत केस का किस तरह अनुसंधान की जा रही है, इसका समीक्षा करने पहुंचा हूं।एक सवाल पर उन्होंने कहा कि पाकुड़ में बांग्लादेशी घुसपैठ की शिकायत मिल रही है, लेकिन यह जांच का विषय है।पुलिस प्रशासन और सिविल प्रशासन के डीसी और एसपी के स्तर से गहराई से जांच कराने की जरूरत है।आइजी ने पिछले दिनों पाकुड़ में के गोपीनाथपुर की घटना पर कहा कि पुलिस अभी भी गोपीनाथपुर में कैंप कर रही है, वहां परमानेंट फोर्स की प्रतिनियुक्ति की गई है और बॉर्डर इलाका बंगाल की भी पुलिस से लगातार संपर्क कर वहां पर निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, उन्होंने कहा कि मोहर्रम में हुई घटना वह प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला था। आइजी के पहुंचने ही उन्हें पुलिस के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर सलामी दी गई।आईजी ने एसपी व अन्य पुलिस पदाधिकारी के साथ बैठक की। बैठक में न्यू क्रिमिनल एक्ट के क्रियान्वयन में उत्पन्न समास्याओं एवं समस्या का निदान के संबंध में समीक्षा किया गया।साथ ही न्यू क्रिमिनल एक्ट के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता व आवश्यकता के संबंध में जानकारी ली गई।वही न्यू क्रिमिनल कानून के संबंध में सभी पुलिस पदाधिकारी को नियमित रूप से प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया इसके साथ ही पाकुड़ जिला में लंबित महिला व बच्चो से संबंधित कांडो की भी समीक्षा की गई एवं उक्त लंबित कांडो को 60 दिनो के अन्दर निष्पादन करने का निर्देश दिया गया। एवं माननीय न्यायालय में विचाराधीन मामलो से संबंधित कांडो के पुलिस गवाहों को ससमय न्यायालय में गवाही हेतु उपस्थापित करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा डायल 112 के प्रचार प्रसार पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया, ताकि आम जनता डायल 112 पर कॉल कर पुलिस से त्वरित सहायता प्राप्त कर सके।मौके पर पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, एसडीपीओ डी एन आजाद, विजय कुमार, डीएसपी जितेंद्र कुमार, ट्रेनी डीएसपी अजय आर्य ,मुफस्सिल थाना प्रभारी संजीव कुमार झा मौजूद थे।






