मरीजो के इलाज में नहीं बरती जा रही कोई कोताही: डॉ मनीष।
राजकुमार भगत
पाकुड़ सदर अस्पताल में डॉक्टरों की कमी एक गंभीर मुद्दा है, जिसके कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में 32 डॉक्टरों के पद हैं, लेकिन केवल 7 डॉक्टर कार्यरत हैं, जिससे मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। डॉ मनीष कुमार, अस्पताल प्रबंधन के उपाध्यक्ष, का कहना है कि डॉक्टरों की कमी के बावजूद अस्पताल में मरीजों का इलाज ठीक से किया जा रहा है, लेकिन आम जनमानस का मानना है कि अस्पताल में सारी व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं। सदर अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को रेफर करने का चलन जारी है, जिससे मरीजों को परेशानी होती है। अस्पताल में नई तकनीक और मशीनें हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण इनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता शाहिद इकबाल ने मुख्यमंत्री से बातचीत की है और जल्द ही डॉक्टरों की नियुक्ति की उम्मीद है। अस्पताल में बिजली और पानी की समस्या भी है, जिसे जल्द ही हल किया जाएगा। ओपीडी में मरीजों को देखा जाता है, लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को परेशानी होती है। आम जनमानस को समझना होगा कि डॉक्टरों की कमी के कारण अस्पताल में परेशानी हो रही है और इसके लिए जल्द ही समाधान निकाला जाएगा।





