डीआईजी ने की प्रेसवार्ता को संबोधित,कहा पुलिस भी करे ज्यादती तो उनके खिलाफ भी करें शिकायत
बजरंग पंडित
पाकुड़: संथाल परगना रेंज के डीआइजी संजीव कुमार मंगलवार को पाकुड़ पहुंचे।पाकुड़ समाहरनालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय में डीआईजी ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि पाकुड़ में तीन जगहों पर जन शिकायत कार्यक्रम की शिविर लगी थी जिसमें पाकुड़ स्थित हरिनडांगा विद्यालय परिसर में मैं स्वयं वहां पर मौजूद रहकर लोगों की शिकायत को सुनने के उपरांत शिकायत को पंजीकृत भी किया. जांच के बाद एक सप्ताह के अंदर समाधान करने की कोशिश की जायेगी. साथ ही साथ व्हाट्सएप नंबर और इमेल आइडी पर आ रहे ऑनलाइन शिकायत की भी जांच की जा रही है जिसका समाधान जल्द ही किया जाएगा. जन शिकायत समाधान कार्यक्रम में जिले के पीड़ित लोग बढ़ चढ़कर हिस्सा लिए एवं अपने आवेदन को मेरे समक्ष रखा प्राप्त आवेदनों के उपरांत मौजूद पुलिस कर्मियों ने शिकायतकर्ता को पावती रसीद भी दी.पावती नंबर से की गयी शिकायत की जानकारी मिलेगी.डीआइजी ने कहा कि गुमशुदा बच्चों और महिला सुरक्षा के संबंध में जानकारी प्राप्त करना और विक्टिम कंपनसेशन स्कीम के बारे में जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया गया. नये अपराधिक कानून के तहत जीरो एफआइआर व ऑनलाइन एफआइआर दर्ज करने की प्रणाली, डायल 112 व डायल 1930 के संबंध में लोगों को जागरूक करना, कमजोर वर्ग के लिए एसटी, एससी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज घटनाओं की जांच पूरी करना और संभावित घटनाओं की जानकारी प्राप्त करना, संपत्ति मूलक अपराध की सूचना, साइबर अपराध की घटनाएं व अवैध रूप से नागरिकों से डिपॉजिट प्राप्त करनेवाली संस्था, चिटफंड की जानकारी, मानव तस्करी की घटनाएं और डायन प्रताड़ना को लेकर अपराध होते हैं, वहां पर विशेष रूप से अपराध की भुक्तभोगियों की सूचना प्राप्त कर सहायता देना और अपराधियों पर कार्रवाई करना समेत कई विषय पर पुलिस विशेष ध्यान देगी। डीआईजी ने बताया कि धीरे-धीरे इस जन शिकायत समाधान कार्यक्रम को पंचायत से लेकर गांव तक पहुंचाया जाएगा जिसमें अंतिम छोर पर बैठे लोगों को भी न्याय मिल सके। और पब्लिक पुलिस के बीच एक अच्छा संबंध बन सके।
इन मुख्य मुद्दों पर पुलिस आम लोगों की सुनी समस्या और समाधान का दिया आश्वासन:-
1.क्षेत्र से गुमशुदा बच्चों के संबंध में जानकारी प्राप्त करना और मामला दर्ज करना।
2.क्षेत्र में संचालित विभिन्न संस्थाओं में महिलाओं और छात्रों की सुरक्षा के संबंध में जानकारी प्राप्त करना।
3.आम जनता को विक्टिम कंपनसेशन स्कीम के बारे में बताना।
4.नये अपराधिक कानून और जीरो एफआईआर के बारे में जानकारी देना।
5.आम जनता को डायल 112 के बारे में बताना।
5.आम जनता को साइबर ठगी होने पर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराने के बारे में बताना।
6.कमजोर वर्ग के नागरिकों के लिए घटनाओं की जांच पूर्ण करने और ऐसे संभावित घटनाओं की जानकारी प्राप्त करना।
7.क्षेत्र में होने वाले अपराध, अपराधियों की सूचना ,साइबर अपराध की घटना और अवैध रूप से नागरिकों से डिपोजिट प्राप्त करने वाली संस्था चीट-फंड की जानकारी प्राप्त करना।
8.क्षेत्र में सामाजिक मुद्दों के संबंध में जानकारी प्राप्त करना, जिससे भविष्य में विधि व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
9.पुलिस थाना और संबंधित कर्मी होमगार्ड व चौकीदार का नागरिकों के साथ व्यवहार और शिकायतों पर उनके रिस्पॉन्स के संबंध में जानकारी प्राप्त करना।
10.नये कोई विशेष मामले जो उस समय संज्ञान में लाये जायेंगे।
11.ऐसे क्षेत्र जहां मानव तस्करी की घटना घटती है, वहां पर विशेष रूप से मानव तस्करी के पीड़ित के बारे में जानकारी प्राप्त करना और इसमें संलिप्त अपराधियों के बारे में जानकारी प्राप्त करना।
12.ऐसे क्षेत्र जहां पर डायन प्रथा को लेकर अपराध होते हैं, वहां पर विशेष रूप से डायन से संबंधित अपराध के पीड़ित को आवश्यक सहायता देना और दोषियों पर कार्रवाई करना।
13.ऐसे क्षेत्र जहां पर अफीम की खेती होती है, वहां की जानकारी प्राप्त करना।
14.ऐसे क्षेत्र कहां ब्राउन शुगर की खपत हो रही है, उसकी बारे में और इसमें संलिप्त व्यक्ति की जानकारी जुटाना।
15.ऐसे क्षेत्र (विशेष कर शहरी क्षेत्र) जहां रात में अड्डाबाजी आदि होती है, उसे चिन्हित करने का प्रयास करेंगे. साथ ही किसके द्वारा अड्डेबाजी हो रही है यह जानकारी प्राप्त करेंगे और उसको कैसे रोका जाये इस पर काम करेंगे।
16.डीएसपी या उसके ऊपर स्तर के पदाधिकारी विशेष रूप से उन शिकायतों पर भी ध्यान देंगे।
17.जहां पर अनुसंधानकर्ता ने किसी निर्दोष व्यक्ति को फंसाने व किसी दोषी व्यक्ति को बचाने के लिए गलत अनुसंधान किया हो. ऐसे मामलों में सुनिश्चित करेंगे कि पुनः जांच हो और बाद में न्याय हो सके। 18.संबंधित क्षेत्र में सुरक्षा उपाय यथा सीसीटीवी का लगाना, नागरिक सुरक्षा समिति का गठन के लिए प्रेरित करना।






