सुदीप कुमार त्रिवेदी
मेलर आदिम जनजाति संघर्ष मोर्चा एवं भूइंया घटवाल, घटवार, खतौरी आदिम जनजाति समाज, छोटी अलिगंज जिला कमिटी की ओर से वार्ड नंबर 3 के छोटी अलिगंज के चैती दुर्गा मंदिर के विशाल प्रांगण में धूमधाम से करम पर्व के तहत जावा जोगाई नृत्य करम महापर्व मनाया गया, जिसमें संपूर्ण जिले से संबंधित समुदाय के लोग उपस्थित हुए। इस बाबत उक्त संस्था के जिला कमेटी के सदस्य ने विज्ञप्ति जारी कर इस महापर्व की पौराणिक महत्व के बाबत जिक्र किया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि पौराणिक कथा के अनुसार करम पर्व झारखंड में मुख्य त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व मुख्यतः बहनों के द्वारा अपने भाई की सुख समृद्धि की लिए की जाती है। यह पर्व भादों मास में मनाया जाता है जिसे जावा जोगाई कहा जाता है। इस कार्यक्रम के तहत कुमारी और विवाहित बहने बांस की टोकरी को नदी जाती है जहां से वे टोकरी में बालू मिट्टी भरकर लाती हैं जिसमें गेहूं, जौ,चना,धान, मकई व करई के जावा बोती है एवं हर दिन स्नानादि करके जावा डाली की विधिवत पूजा करतीं हैं व जावा गीत गाती है। इसके अलावा मोहन राय ने बताया कि प्राचीन काल में शाम के समय कर्मा डाली को काटकर गांव के भोक्ता के आंगन में स्थापित किया जाता है एवं विधिवत पूजा की जाती है। भोक्ता के द्वारा करम पर्व की कथा सुनाई जाती है। करम देवता को प्रसन्न करने हेतु करम डाली के चारों ओर झूमर गीत के साथ नृत्य किया जाता है। उक्त संस्था के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रत्यूष राय ने बताया कि आज देर रात तक कार्यक्रम चलेगा। उक्त कार्यक्रम को सफल बनाने में मोहन राय, संजय राय, निमाय राय, गणेश राय, करण राय, कान्तो राय, निलेश राय, मिलन राय, ओमप्रकाश राय, व सोनू राय मौजूद थे।







