Search

April 30, 2026 9:17 am

ओपन स्काई स्मार्ट स्कूल में मनाया गया शहीद भगत सिंह जयंती।

राजकुमार भगत

पाकुड़। शनिवार को ओपेन स्काई स्मार्ट स्कूल, पाकुड़ में शहीद भगत सिंह की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर सभी शिक्षकों ने उनकी तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर देश के प्रति उनके अमूल्य योगदान को याद किया। शिक्षकों ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के विषय में बच्चों को बताया कि भगत सिंह को भारतीय राष्ट्रवादी आंदोलन के सबसे प्रभावशाली क्रांतिकारियों में से एक माना जाता है। भगत सिंह जी की मृत्यु 23 वर्ष की आयु में हुई जब उन्हें ब्रिटिश सरकार ने फांसी पर चढ़ा दिया। भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को लायलपुर ज़िले के बंगा में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। उनका पैतृक गांव खट्कड़ कलां है जो पंजाब, भारत में है। भगत सिंह का परिवार एक आर्य-समाजी सिख परिवार था। भगत सिंह करतार सिंह सराभा और लाला लाजपत राय से अत्याधिक प्रभावित रहे। बचपन से ही भगत सिंह के दिल में देश भक्ति की भावना उत्पन्न हो गयी। बहुत ही छोटी उम्र में भगत सिंह महात्मा गांधी जी के असहयोग आन्दोलन से जुड़ गए।13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड ने भगत सिंह के बाल मन पर बड़ा गहरा प्रभाव डाला। भगत सिंह ने चंद्रशेखर आज़ाद के साथ मिलकर क्रांतिकारी संगठन तैयार किया। लाहौर षड़यंत्र मामले में भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू को फांसी की सज़ा सुनाई गई और बटुकेश्वर दत्त को आजीवन कारावास दिया गया। भगत सिंह को 23 मार्च 1931 की शाम सात बजे सुखदेव और राजगुरू के साथ फांसी पर लटका दिया गया। तीनों ने हंसते-हँसते देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। उन्होंने कई पत्र-पत्रिकाओं के लिए संपादन भी किया था। भारत की आजादी में उनके योगदान के लिए देशवासी हमेशा उनके ऋणी रहेंगे।

Leave a Comment

लाइव क्रिकेट स्कोर
error: Content is protected !!