Search

April 29, 2026 5:14 pm

शारदीय नवरात्रि कलश स्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा से शुरू होगा नवरात्रि का पर्व

राजकुमार भगत

शारदीय नवरात्रि का पर्व इस साल 3 अक्टूबर से शुरू होगा और 13 अक्टूबर को विजया दशमी यानी दशहरा के साथ संपन्न होगा। नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है, जिनमें से पहला स्वरूप मां शैलपुत्री है।

कलश स्थापना और शुभ मुहूर्त

नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना का सबसे पहले मुहूर्त 3 अक्टूबर को सुबह 6:14 से 7:23 तक होगा।
दूसरा अभिजीत मुहूर्त अपराहन 11:45 से दोपहर 12:34 तक होगा।
चौघड़िया मुहूर्त में भी कलश स्थापना की जा सकती है, जो सुबह 10:42 से दोपहर 12:11 तक, दूसरा 12:11 से 1:39 तक, तीसरा शाम 4:35 से 6:05 तक और चौथा 6:05 से रात्रि के 7:37 तक होगा।

मां शैलपुत्री की पूजा

नवरात्रि के प्रथम दिन कलश स्थापना के बाद वरुण देव, गंगा जी आदि का आव्हान किया जाएगा। तत्पश्चात श्री गणेश जी की पूजा अर्चना होगी।
प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा विधि विधान से की जाएगी।

महत्वपूर्ण बातें

कलश स्थापना के समय मंत्र जाप व मंत्रों का उच्चारण शुद्ध करना चाहिए।
अलग-अलग पंडितों के राय से समय या अन्य वाक्यांश अलग हो सकते हैं, इसलिए अपने पंडित जी से राय परामर्श कर पूजा करना अच्छा होगा। नवरात्रि के दौरान अखंड दीप जालना अधिक महत्व होता है और मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है।

Leave a Comment

लाइव क्रिकेट स्कोर
error: Content is protected !!