झारखंड विकास परिषद द्वारा सुरक्षित बचपन के लिए दामिन पहल परियोजना के तहत एक दिवसीय अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दो अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किया गया था।
कन्या मध्य विद्यालय, अमड़ापाड़ा में शपथ कार्यक्रम।
कन्या मध्य विद्यालय, अमड़ापाड़ा में आयोजित शपथ कार्यक्रम में 200 किशोरियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए संस्था के परियोजना समन्वयक मनोरंजन सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम बाल विवाह जैसे सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगाने और किशोरियों को पढ़ने-लिखने का समान अवसर प्रदान करने के लिए आयोजित किया गया है। कन्या मध्य विद्यालय की शिक्षिका कंचन वाला एक्का ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से किशोरियों में बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता पैदा होती है और जीवन में लक्ष्य तय कर कुछ बनने का जज्बा पैदा होता है।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, मंडरो में शपथ कार्यक्रम
वहीं दूसरी ओर, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, मंडरो में आयोजित शपथ कार्यक्रम में 300 किशोरियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वार्डन सामिष्ठा गुप्ता और बासमती मरांडी ने की। बासमती मरांडी ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है जिसे जड़ से खत्म करना चाहिए। इससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास अवरुद्ध होता है और उनका जीवन नर्क हो जाता है। राजीव रंजन ने किशोरियों को शपथ दिलाया कि वे बाल विवाह नहीं करेंगे और इसके प्रति अभिभावकों को जागरूक करेंगे।
कार्यक्रम के मुख्य बिंदु।
इस कार्यक्रम में किशोरियों ने शपथ लिया कि वे बाल विवाह जैसे कुरीतियों को जड़ से खत्म करेंगे और इसके विरुद्ध आवाज उठाएंगे। वे अपने शिक्षा को बढ़ाएंगे और कहीं बाल विवाह होता है तो इसकी सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 112, 1098, 100, पंचायत प्रतिनिधि और प्रखंड विकास पदाधिकारी को देंगे। इस कार्यक्रम को आयोजन करने में मार्टिना हेंब्रम, मिनी सोरेन, फुलमनी सोरेन, और कीरानी मुर्मू की अहम भूमिका रही।






