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April 11, 2026 5:48 pm

27 मार्च को मनाई जाएगी रामनवमी, पुनर्वसु नक्षत्र का दुर्लभ संयोग

मिथिला पंचांग के अनुसार तय तिथि, मध्याह्न में रहेगा रामजन्म का शुभ मुहूर्त

मिथिला पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में रामनवमी का पर्व 27 मार्च को मनाया जाएगा। तिथि को लेकर चल रही विभिन्न मतों के बीच मिथिला परंपरा में उदयातिथि को आधार मानते हुए इसी दिन भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाना श्रेष्ठ माना गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए पंडित नितेश कुमार मिश्रा ने बताया कि चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 26 मार्च को दोपहर 2:21 बजे प्रारंभ होकर 27 मार्च को दोपहर 12:12 बजे समाप्त होगी। चूंकि 27 मार्च को सूर्योदय के समय नवमी तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए इसी दिन रामनवमी मनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम का जन्म मध्याह्न काल में माना जाता है। ऐसे में जिस दिन दोपहर में नवमी तिथि रहती है, वही दिन रामजन्म उत्सव के लिए सर्वोत्तम होता है। इस वर्ष 27 मार्च को दोपहर 12 बजे तक नवमी तिथि रहने से यह संयोग अत्यंत शुभ बन रहा है। पंडित मिश्रा के अनुसार इस दिन पुनर्वसु नक्षत्र का भी विशेष संयोग बन रहा है, जिसे भगवान श्रीराम का जन्म नक्षत्र माना जाता है। तिथि, नक्षत्र और मध्याह्न काल का यह संगम इस वर्ष की रामनवमी को और अधिक महत्वपूर्ण बना रहा है। रामनवमी भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में प्रमुख धार्मिक पर्व है। इस अवसर पर मंदिरों और घरों में पूजा-अर्चना, रामलला जन्मोत्सव तथा भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। इस विशेष संयोग के कारण श्रद्धालुओं में पर्व को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।

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