पाकुड़। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर नालसा (DAWN योजना 2025) के तहत नशामुक्त भारत एवं स्वास्थ्य मार्गदर्शन कार्यक्रम का समापन सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) पाकुड़ के सभागार में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डालसा दिवाकर पांडे ने की। आयोजन नालसा, नई दिल्ली एवं झालसा, रांची के निर्देशानुसार किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिवाकर पांडे, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक, अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम कुमार क्रांति प्रसाद, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजीत कुमार चंद्र एवं बार एसोसिएशन के सचिव दीपक ओझा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिवाकर पांडे ने बताया कि 5 से 12 जनवरी तक नशामुक्त भारत अभियान चलाया गया, जिसकी शुरुआत प्रभात फेरी और जागरूकता रैली से हुई। रैली में न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, न्यायालय कर्मी, विभागीय अधिकारी एवं पैरा लीगल वॉलिंटियर्स शामिल रहे। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज बनाना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। नशामुक्ति की शुरुआत घर से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संताल परगना क्षेत्र लंबे समय से नशे की समस्या से प्रभावित रहा है, जिसके पीछे सामाजिक और भौगोलिक कारण हो सकते हैं, लेकिन अब स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। यदि समाज एकजुट होकर प्रयास करे तो बदलाव संभव है। प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक ने नशामुक्त भारत अभियान को समाज के हित में आवश्यक बताते हुए युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। डालसा सचिव रूपा बंदना किरो ने साप्ताहिक अभियान के दौरान की गई गतिविधियों की जानकारी दी और कहा कि युवा देश का भविष्य हैं, नशे से दूर रहकर ही वे राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकते हैं। कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद के आदर्शों, अनुशासन, चरित्र और नैतिक मूल्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। मनोचिकित्सक डॉ. प्रकाश मुर्मू ने नशे से होने वाले मानसिक और शारीरिक दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। वहीं NUSRL रांची की बीए एलएलबी छात्रा श्रेया पाल ने नशामुक्त भारत अभियान एवं स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों, पैरा लीगल वॉलिंटियर्स एवं अन्य प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत का संकल्प लिया। मौके पर अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल मांझी, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सदिश उज्जवल बेक, प्रभारी न्यायाधीश विजय कुमार दास, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ सुबोध कुमार दफादार सहित पैनल अधिवक्ता एवं पैरा लीगल वॉलिंटियर्स उपस्थित रहे।







