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March 14, 2026 9:10 am

मध्यस्थता अभियान के तहत टूटे परिवार को मिलाया, दंपतियों ने आपसी मतभेद भुलाकर लिया संगठित जीवन का संकल्प।

पाकुड़। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के मध्यस्थता अभियान “राष्ट्र के लिए 2.0” के तहत आज पाकुड़ व्यवहार न्यायालय में दो वर्षों से अलग रह रहे दो दंपतियों के बीच आपसी मतभेद समाप्त कर उन्हें एक साथ रहने के लिए राजी कराया गया। नालसा नई दिल्ली एवं झालसा रांची के निर्देशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडे की अध्यक्षता में और सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान में प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक ने मुख्य भूमिका निभाई। मामले क्रमांक 233/2025 (रुकसेना खातून बनाम नूर आलम शेख) और 262/2025 (जहीमन खातून बनाम मुख्तार अंसारी) में दोनों दंपतियों के बीच लंबे समय से चल रहे मतभेद के चलते परिवार में तनाव था। दोनों दंपतियों के साथ उनका एक छोटा बच्चा भी है। प्रधान न्यायाधीश रजनीकांत पाठक के अथक प्रयास से दंपतियों ने आपसी मतभेद भुलाकर एक साथ रहने का निर्णय लिया। उन्होंने भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद से बचने और परिवार के साथ मिलजुल कर रहने का संकल्प भी लिया। इस दौरान न्यायालय कर्मी, दोनों पक्षों के अधिवक्ता संजीत कुमार मुखर्जी, अब्बास अली और बैद्यनाथ भंडारी ने भी सहयोग दिया। दंपतियों एवं उनके परिजनों ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार और मध्यस्थता अभियान “राष्ट्र के लिए 2.0” के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस प्रयास से टूटता परिवार फिर से एक हुआ और घर में खुशियों की वापसी हुई।

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