झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने लिट्टीपाड़ा जलापूर्ति योजना को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 217 करोड़ रुपये की यह महत्वाकांक्षी योजना अब तक अधर में लटकी हुई है, जिसके कारण क्षेत्र के ग्रामीणों को पानी के लिए भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है।रघुवर दास ने बताया कि लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र वर्षों से जल संकट से जूझता रहा है। यहां के लोगों को आज भी 4 से 5 किलोमीटर दूर तक पैदल जाकर पानी लाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए भाजपा सरकार के दौरान इस बड़ी योजना को मंजूरी दी गई थी।उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कार्यकाल में यह योजना पूरी तरह ठप हो गई है। “आज भी स्थिति जस की तस है और ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं,” उन्होंने कहा।पूर्व मुख्यमंत्री ने लिट्टीपाड़ा विधायक द्वारा सदन में मुद्दा उठाने पर भी सवाल खड़े करते हुए इसे “मैच फिक्स” बताया। उनका कहना था कि मंत्री और विधायक अपनी ही सरकार के खिलाफ बयान दे रहे हैं, जो राज्य में विकास की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है।रघुवर दास ने यह भी आरोप लगाया कि योजनाओं को जानबूझकर लटकाया जाता है, ताकि उनकी लागत बढ़ाकर सरकार और ठेकेदारों के बीच लाभ का खेल खेला जा सके। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले चुनाव में इसका जवाब देगी।उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा ही राज्य में विकास को गति दे सकती है और आगामी चुनाव में पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।





