महादेवपुर, घाघरजनी और फूलपहाड़ी गांवों में हुआ फील्ड विजिट, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रमों की हुई विस्तृत समीक्षा।
पाकुड़। कालाजार (विसरल लीशमैनियासिस) की वर्तमान स्थिति, इंडोर रेसिडुअल स्प्रे (IRS) की गुणवत्ता तथा वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा को लेकर केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय स्वास्थ्य टीम ने मंगलवार को पाकुड़ जिले का विस्तृत फील्ड दौरा किया। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार के नेतृत्व में टीम ने पाकुड़ सदर, हिरणपुर एवं लिट्टीपाड़ा प्रखंडों के विभिन्न गांवों—महादेवपुर, घाघरजनी एवं फूलपहाड़ी—का भ्रमण कर जमीनी हालात का जायजा लिया। टीम में डॉ. रजत रंजन, संबंधित प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारी, World Health Organization के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. हसीब, मलेरिया इंस्पेक्टर राज कुमार, सौमाश, DVBD कंसल्टेंट अंकित कुमार एवं FLA राजू अग्रवाल सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान टीम ने कालाजार के मौजूदा मामलों की स्थिति, केस डिटेक्शन, सर्विलांस गतिविधियों और मरीजों के फॉलो-अप सिस्टम की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही इंडोर रेसिडुअल स्प्रे की गुणवत्ता का भी गहन आकलन किया गया। टीम ने जिले में IRS कार्य की गुणवत्ता को संतोषजनक बताया और कहा कि निर्धारित मानकों का पालन बेहतर तरीके से किया जा रहा है। कालाजार मरीजों के नियमित फॉलो-अप और निगरानी व्यवस्था को भी सराहनीय पाया गया। इसके अलावा वेक्टर जनित रोगों को लेकर चल रहे IEC (सूचना, शिक्षा एवं संचार) अभियानों की भी समीक्षा की गई। टीम ने पाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता का स्तर बेहतर हुआ है और लोग स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। अंत में स्वास्थ्य कर्मियों को फील्ड स्तर पर कार्यों में और सुधार, बेहतर समन्वय तथा रोकथाम एवं नियंत्रण गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के आवश्यक निर्देश दिए गए।








