अक्षय कुमार
रामगढ़। बुधवार को राधा गोविंद विश्वविद्यालय रामगढ़ , झारखंड के ऑडिटोरियम हॉल में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भव्य रूप से शुभारंभ हुआ। इस सम्मेलन में देश-विदेश से आए विद्वान, शिक्षाविद् एवं शोधार्थी उत्साहपूर्वक भाग लिए। सम्मेलन का विषय एनईपी 2020 में भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS): वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारतीय शिक्षा।

सम्मेलन का उद्घाटन
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी एन साह एवं मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं विश्वविद्यालय के संस्थापक स्व. राधा देवी एवं स्व. गोविंद साह के चित्रों पर श्रद्धापूर्वक पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। उसके बाद सभी अतिथियों को पुष्पगुच्छ,प्रतीक चिन्ह और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलगीत से हुआ
विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के द्वारा झारखंड की संस्कृति पर आधारित नृत्य सभी सम्मानित अतिथियों का स्वागत किया ।

कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्तर के वक्ता संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी जगतगंज वाराणसी यूपी के कुलपति प्रो (डॉ) बिहारी लाल शर्मा , महाकौशल यूनिवर्सिटी के जबलपुर के कुलपति प्रो (डॉ) आर सी मिश्रा, तिलक मर्ज,न्यू दिल्ली के सीनियर एडवोकेट,सुप्रीम कोर्ट के लल्लन तिवारी उपस्थित हुए।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख प्रख्यात शिक्षाविद् वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए सेंट लुइट यूनिवर्सिटी कैब्रोन के कुलपति
प्रो (डॉ) कृष्णा , रसिया के फ़ोमिन सर्जे, केन्या के बेनसन एम ओ आगया, यूएसए के डॉ अन्नपूर्णा देवी पांडेय , मेक्सिको के नशीली यारजाबल कॉर्नेल , नेपाल के डॉ राम हरि ढकल
शामिल हुए।


कुलपति का स्वागत भाषण प्रो (डॉ) रश्मि ने सर्वप्रथम सभी सम्मानित अतिथियों के परिचय कराकर आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से भारतीय ज्ञान प्रणाली को शिक्षा के केंद्र में स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ है। यह प्रणाली विद्यार्थियों में समग्र विकास नैतिक मूल्यों एवं शोध के भावनाओं को प्रोत्साहित करेगी।

सभा को संबोधित करते हुए डॉ बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि धर्म वह प्रकाश है, जो मनुष्य को अज्ञान से ज्ञान और असत्य से सत्य की ओर ले जाकर उसके जीवन का समग्र विकास करता है। डॉ आर सी मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में कौशल विकास शिक्षा का आधार है, जो विद्यार्थियों को केवल ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन के लिए सक्षम और आत्मनिर्भर बनाता है। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी एन साह ने अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शामिल हुए सभी विद्वतजनों को हार्दिक बधाई एवं आभार व्यक्त किया और उन्होंने कहा कि जब शिक्षा के साथ सकारात्मक सोच और विचार जुड़े होते हैं, तब व्यक्ति में सहानुभूति, ईमानदारी, सहनशीलता और अनुशासन जैसे गुण स्वतः विकसित होते हैं। संबोधन में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जुड़े सभी विद्वतजनों ने भारतीय ज्ञान प्रणाली एवं नई शिक्षा नीति 2020 के महत्व पर प्रकाश डाला तथा इसे वैश्विक परिप्रेक्ष्य में समझने की आवश्यकता बताई।
विश्वविद्यालय प्रबंध के पदाधिकारी
सचिव प्रियंका कुमारी , वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो (डॉ) अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार,राधा गोविन्द स्कूल प्राचार्य डॉ सुजीत कुमार मोहंती, राधा गोविन्द इंटर कॉलेज प्राचार्या सोमा पांडेय, समाज सेवी सीपी संतन, मीडिया पदाधिकारी डॉ संजय सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ रंजना पांडेय, डॉ पूनम कुमारी एवं डॉ अमरेश पांडेय ने किया। इस अवसर पर विभिन्न तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। सम्मेलन के दौरान शैक्षणिक संवाद, विचार-विमर्श एवं ज्ञान के आदान-प्रदान का माहौल देखने को मिला। मौके पर विश्वविद्यालय विभागाध्यक्ष, देश के विभिन्न राज्यों के शोधार्थी एवं हजारों की संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।





