कस्तूरबा में जिम मशीनें खराब मिलीं, सीएचसी में इलाज-स्वच्छता पर सख्ती, सुधार के दिए निर्देश
पाकुड़ के लिट्टीपाड़ा में गुरुवार को उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत जांची। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि सुविधाओं में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। विद्यालय में निरीक्षण के दौरान व्यायामशाला की सभी मशीनें खराब पाई गईं, जिस पर डीसी ने तत्काल मरम्मत कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छात्राओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए नियमित व्यायाम जरूरी है। कक्षा में छात्राओं से अंग्रेजी के सवाल पूछे गए, जिनका बच्चियों ने आत्मविश्वास से जवाब दिया। इससे संतुष्ट होकर डीसी ने उनकी सराहना की और पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रखने की बात कही। शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का निर्देश देते हुए उन्होंने स्कूल में शिक्षकों की कमी समेत अन्य समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। साथ ही लैब की व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए। इसके बाद डीसी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने ओपीडी, दवा वितरण, प्रसव कक्ष, आपातकालीन सेवाओं और डॉक्टरों की उपस्थिति की जांच की। उस दिन 31 मरीजों के इलाज की जानकारी ली गई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा का उद्देश्य केवल इलाज नहीं, बल्कि मरीजों को विश्वास और सम्मान देना भी है।
कुपोषण उपचार केंद्र में उन्होंने बच्चों की माताओं से बातचीत कर स्तनपान और पोषण के प्रति जागरूक किया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करते हुए उन्हें समय पर उपचार और पोषण उपलब्ध कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान डीसी ने साफ किया कि शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।







