पाकुड़। जिले में कानूनी जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से गुरुवार को पाकुड़ व्यवहार न्यायालय परिसर से एक भव्य प्रभात फेरी निकाली गई। यह आयोजन 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ द्वारा किया गया, जो झालसा रांची के निर्देश पर संचालित है।
प्रभात फेरी न्यायालय परिसर से शुरू होकर भगतपाड़ा, हाटपाड़ा, बिरसा मुंडा चौक और डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक होते हुए पुनः न्यायालय परिसर पहुंची। इसमें न्यायिक पदाधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, अधिवक्ताओं और पैरा लीगल वॉलंटियर्स ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। अभियान का नेतृत्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष दिवाकर पांडे ने किया। उन्होंने कहा कि अगले 90 दिनों तक जिले के दूरदराज़ इलाकों में पहुंचकर जरूरतमंद और वंचित लोगों को कानून की जानकारी दी जाएगी। नुक्कड़ नाटक, विधिक शिविर और जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए लोगों को उनके अधिकारों से जोड़ा जाएगा। इस दौरान बाल श्रम, बाल विवाह, दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक किया गया और हर पात्र व्यक्ति तक न्याय सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया।
प्राधिकार की सचिव रूपा बंदना किरो ने बताया कि अभियान के तहत सभी प्रखंडों और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे। साथ ही बच्चों से जुड़े अपराध, विशेषकर पोक्सो एक्ट के बारे में घर-घर जाकर जानकारी दी जाएगी।
इस पहल में न्यायिक अधिकारियों के साथ जिला बार एसोसिएशन, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही। अभियान का उद्देश्य साफ है—कानून की जानकारी हर व्यक्ति तक पहुंचे और समाज का हर वर्ग न्याय की मुख्यधारा से जुड़े।








