पाकुड़ न्यायिक प्रक्रियाओं को डिजिटल और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में रविवार को ई-कोर्ट्स कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम (ECT-8) के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिवाकर पांडे के दिशा-निर्देश पर किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य न्यायालय कर्मियों को ई-फाइलिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एवं अन्य डिजिटल न्यायिक सेवाओं के प्रभावी उपयोग में दक्ष बनाना था, ताकि न्यायिक कार्यों में पारदर्शिता, गति और दक्षता को और अधिक बढ़ाया जा सके। प्रशिक्षण की शुरुआत ओरिएंटेशन सत्र से हुई, जिसमें e-Courts Project की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान दस्तावेजों की स्कैनिंग, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन और ऑनलाइन केस प्रोसेसिंग की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
इसके बाद ई-फाइलिंग प्रक्रिया, पोर्टल की विभिन्न सुविधाओं, पंजीकरण प्रणाली तथा केस फाइलिंग से जुड़ी तकनीकी जानकारियां प्रतिभागियों को दी गईं। विशेष सत्र में नजीर, नायब नजीर एवं प्रोसेस सर्वरों को N-STEP प्रणाली के उपयोग पर विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जबकि अन्य न्यायालय कर्मियों को ऑनलाइन प्रक्रिया निर्गत करने की तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सिस्टम असिस्टेंट नगमा प्रवीण और सहायक चमन आलोक ने ई-कोर्ट्स सेवाओं के उपयोग पर विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया और व्यावहारिक पहलुओं को समझाया।
सम्पूर्ण प्रशिक्षण की निगरानी सिविल जज (सीनियर डिवीजन) Vishal Majhi द्वारा चार सत्रों में की गई। कार्यक्रम के सफल संचालन में नजीर एवं अन्य वरिष्ठ न्यायालय कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न्यायिक व्यवस्था को डिजिटल रूप से अधिक पारदर्शी, तेज़ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






