मियाजाकी से आम्रपाली तक की खुशबू से महका बागान, किसानों की उपज खरीदने उमड़ी भीड़।
हिरणपुर। कभी पौधरोपण तक सीमित दिखने वाली बिरसा हरित ग्राम योजना अब किसानों की आय और आत्मनिर्भरता की नई पहचान बन रही है। हिरणपुर प्रखंड परिसर में आयोजित आम मेले में योजना से जुड़े किसानों ने अपने बागानों में तैयार आम्रपाली, मालदह, खिरसापति, मियाजाकी समेत कई प्रजातियों के आमों की प्रदर्शनी लगाकर अपनी मेहनत और सफलता की मिसाल पेश की। मेले में सजे रंग-बिरंगे और आकर्षक आमों के स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। स्थानीय लोगों ने न सिर्फ आमों की गुणवत्ता की सराहना की, बल्कि जमकर खरीदारी भी की। इससे किसानों का उत्साह दोगुना हो गया। कई लाभुकों ने बताया कि योजना के तहत लगाए गए बागान अब अच्छी पैदावार देने लगे हैं और इससे उनकी आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।
मेले का निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारियों ने किसानों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि बागवानी आधारित खेती किसानों को पारंपरिक कृषि के साथ अतिरिक्त आय का मजबूत साधन उपलब्ध करा रही है।
अधिकारियों ने किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने, फलों की गुणवत्ता बनाए रखने और बाजार से सीधे जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मेले किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के साथ अन्य किसानों को भी बागवानी के लिए प्रेरित करते हैं। आम मेले में उमड़ी भीड़ और किसानों की बढ़ती बिक्री ने यह संकेत दे दिया कि बिरसा हरित ग्राम योजना अब सिर्फ सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण समृद्धि और आत्मनिर्भरता की सफल कहानी बन चुकी है।








