पाकुड़। ऑनलाइन दवा बिक्री और अनियंत्रित छूट के खिलाफ दवा व्यवसायियों का विरोध तेज हो गया है। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर पाकुड़ जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन से जुड़े कारोबारियों ने चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। आंदोलन के तहत 15 मई से जिले के सभी दवा दुकानदार अपनी बांह पर काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं। यह मूक विरोध लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा।एसोसिएशन के सचिव अरविंद कुमार भगत ने बताया कि आम लोगों और मरीजों को परेशानी से बचाने के लिए 19 मई तक केवल प्रतीकात्मक विरोध किया जाएगा। यदि सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो 20 मई को देशव्यापी आह्वान के तहत जिले की सभी निजी दवा दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। हालांकि, इस दौरान अस्पतालों के प्राइवेट दवा काउंटर और आपातकालीन सेवाएं चालू रहेंगी।व्यवसायियों की प्रमुख मांगों में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर रोक, भारी छूट पर नियंत्रण और केमिस्टों को सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित करना शामिल है। उनका कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री से न केवल स्थानीय व्यवसाय प्रभावित हो रहा है, बल्कि बिना उचित परामर्श के दवाओं की उपलब्धता से जन स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ रहा है। इस विरोध कार्यक्रम में अरविंद कुमार भगत के साथ देवनाथ भगत, अली अख्तर, सुबेल कुमार, राहुल कुमार सहित कई दवा दुकानदार सक्रिय रूप से शामिल हैं। एसोसिएशन ने जिले के सभी केमिस्टों से आंदोलन में एकजुट होकर समर्थन देने की अपील की है।






