पाकुड़। उपायुक्त पाकुड़ के निर्देशानुसार रविवार को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की पटना इकाई द्वारा पचुवाड़ा नॉर्थ कोल ब्लॉक अंतर्गत डांगापाड़ा स्थित SHAR कैंपस में परिचयात्मक अभ्यास एवं सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बीजीआर माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड एंड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड तथा वेस्ट बंगाल पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (WBPDCL) के बड़ी संख्या में कर्मचारी, अधिकारी एवं कंपनी प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों एवं आम लोगों को आपदा, दुर्घटना और आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया एवं बचाव कार्यों के प्रति जागरूक करना था। एनडीआरएफ टीम ने बताया कि किसी भी दुर्घटना या आपदा की स्थिति में सबसे पहले आसपास मौजूद आम लोग ही “फर्स्ट रिस्पॉन्डर” की भूमिका निभाते हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को प्राथमिक उपचार और आपदा प्रबंधन की बुनियादी जानकारी होना बेहद जरूरी है।एनडीआरएफ विशेषज्ञों ने कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जीवन रक्षक तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। टीम ने दुर्घटना में घायल व्यक्ति के शरीर से होने वाले रक्तस्राव को रोकने के तरीके बताए तथा उपलब्ध संसाधनों से प्राथमिक उपचार देने की जानकारी दी। फ्रैक्चर की स्थिति में घायल व्यक्ति के प्रभावित अंग को सुरक्षित एवं स्थिर रखने की विधियों का भी प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) का प्रदर्शन रहा। एनडीआरएफ टीम ने बेहोशी अथवा सांस रुकने की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को सीपीआर देने की सही प्रक्रिया को विस्तारपूर्वक समझाया। अधिकारियों ने बताया कि समय पर दिया गया सीपीआर किसी व्यक्ति की जान बचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इसके अलावा टीम ने बांस, कंबल, रस्सी और कपड़ों जैसी स्थानीय एवं घरेलू सामग्रियों की सहायता से अस्थायी स्ट्रेचर तैयार करने की विधि का भी प्रदर्शन किया। घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से घटनास्थल से निकालकर अस्पताल अथवा सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की तकनीकों की जानकारी भी प्रतिभागियों को दी गई।
कार्यक्रम में बिजली गिरने एवं आंधी-तूफान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से खनन क्षेत्रों एवं खुले स्थानों में कार्यरत लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने, धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखने तथा सुरक्षित आश्रय लेने की सलाह दी गई। इस दौरान प्रश्नोत्तर एवं संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने आपदा प्रबंधन एवं प्राथमिक उपचार से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे। एनडीआरएफ अधिकारियों ने सभी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए आपातकालीन परिस्थितियों में शांत रहकर सूझबूझ एवं सामुदायिक सहयोग के साथ कार्य करने का संदेश दिया। कार्यक्रम को प्रतिभागियों ने अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं व्यावहारिक बताया। अंत में एनडीआरएफ टीम को आपदा जागरूकता एवं सुरक्षा प्रशिक्षण के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।








