डायन प्रथा, बाल विवाह, घरेलू हिंसा और निःशुल्क कानूनी सहायता पर लोगों को किया गया जागरूक
पाकुड़। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) पाकुड़ द्वारा संचालित 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान के तहत बुधवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता शिविर आयोजित किए गए।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडेय के निर्देश तथा सचिव रूपा वंदना किरो के मार्गदर्शन में पाकुड़ मंडल कारा एवं लिट्टीपाड़ा प्रखंड के केरोडोली गांव में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। केरोडोली गांव में पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) जयंती टुडू, आनंद मुर्मू, भरत साहा एवं जयंती कुमारी ने ग्रामीणों को डायन प्रथा, बाल विवाह, बाल श्रम, घरेलू हिंसा और अन्य सामाजिक कुरीतियों से संबंधित कानूनों की जानकारी दी। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। लोगों को कानूनी समस्या होने पर नालसा के टॉल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क करने की सलाह दी गई। वहीं, पाकुड़ मंडल कारा में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ संजीव कुमार मंडल ने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे अपने मामलों की प्रभावी पैरवी कर सकें। कार्यक्रम में पैरा लीगल वॉलंटियर सुजाता घोष तथा मंडल कारा के प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।







