पाकुड़: जिले के विभिन्न सरकारी विभागों में सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 के पालन में कथित लापरवाही को लेकर सामाजिक एवं RTI कार्यकर्ता सुरेश कुमार अग्रवाल ने झारखंड राज्य सूचना आयोग से शिकायत की है। उन्होंने राज्य सूचना आयुक्त को पत्र भेजकर जिले में RTI कानून के अनुपालन की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सुरेश अग्रवाल का कहना है कि सूचना का अधिकार अधिनियम नागरिकों को शासन-प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन पाकुड़ जिले के कई सरकारी कार्यालयों में इसका प्रभावी पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राज्य स्तर पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वह मामले को केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) तक ले जाएंगे। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि जिले के अधिकांश सरकारी कार्यालयों में जन सूचना अधिकारी (PIO) और प्रथम अपीलीय प्राधिकारी (FAA) के नाम, पदनाम, कक्ष संख्या और संपर्क विवरण से संबंधित अनिवार्य सूचना बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। इसके अलावा प्रथम अपील की निर्धारित सुनवाई के दौरान कई बार अपीलीय अधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं रहते, जिससे आवेदकों को बिना सुनवाई के लौटना पड़ता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में जन सूचना अधिकारी भी सुनवाई में उपस्थित नहीं होते, जिससे प्रकरण लंबित रहते हैं और निर्धारित समय-सीमा के भीतर सूचना उपलब्ध नहीं कराई जाती। राज्य सूचना आयोग से उन्होंने मांग की है कि पाकुड़ जिले में RTI अधिनियम के अनुपालन की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, सभी विभागों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाएं, प्रत्येक कार्यालय में PIO और FAA का सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाया जाए तथा सुनवाई के दौरान अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कर लगातार लापरवाही बरतने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही जिले में RTI कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है। सुरेश अग्रवाल ने उम्मीद जताई कि राज्य सूचना आयोग मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाएगा, ताकि आम नागरिकों को सूचना प्राप्त करने के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।





