पाकुड़ के मंगलापाड़ा में प्राचीन शिव मंदिर भूतेश्वर नाथ में सावन मास के पावन अवसर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है। 13 दिवसीय इस धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत 14 अगस्त से हुई है, जिसका समापन आगामी 25 अगस्त को पूर्णाहुति के साथ होगा।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रुद्राभिषेक और श्रृंगार पूजन
प्राचीन मंदिर में आयोजित इस अनुष्ठान के तहत प्रतिदिन नियमित रूप से रुद्राभिषेक और विशेष श्रृंगार पूजन किया जा रहा है। अनुष्ठान के पांचवें दिन यजमान के रूप में तारकेश्वर प्रसाद भगत, उनकी पत्नी और पुत्री ने अभिषेक सह श्रृंगार में भाग लिया। पूजन कार्य मुख्य पुरोहित ओंकार नाथ मिश्रा और उनके सहयोगी प्रभाकर मिश्रा द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ संपन्न कराया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक वर्ष 1957 में मंदिर के निर्माण के बाद से ही यह परंपरा लगातार चली आ रही है। हर साल सावन के महीने में 13 दिनों तक शिवभक्त विशेष श्रृंगार और रुद्राभिषेक के माध्यम से बाबा भूतेश्वर नाथ की आराधना करते हैं। अनुष्ठान के दौरान बाबा भूतेश्वर नाथ को छप्पन भोग के अलावा,बेलपत्र, गंगाजल, भांग, धतूरा, विभिन्न फलों के रस और ताजे फूल अर्पित किए जा रहे हैं। साथ ही, भगवान शिव को छप्पन भोग भी अर्पित किए जा रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।






