पाकुड़। स्वच्छता के मोर्चे पर पाकुड़ जिले को बड़ी उपलब्धि दिलाने की तैयारी है। दिसंबर 2026 तक जिले के सभी गांवों को ODF प्लस फाइव स्टार श्रेणी में लाने का लक्ष्य तय किया गया है। लक्ष्य को जमीन पर उतारने के लिए मंगलवार को समाहरणालय में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 की समीक्षा बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त सह नोडल पदाधिकारी अरविंद कुमार लाल ने की। बैठक में गांवों में ठोस-तरल कचरा प्रबंधन, सामुदायिक शौचालय, कंपोस्ट पिट, नाडेप और सोक पिट समेत स्वच्छता से जुड़ी संरचनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। प्लास्टिक कचरे के निपटारे के लिए प्रत्येक पंचायत में प्लास्टिक पृथक्करण शेड बनाने की योजना है। जिले में 7 शेड बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 13 पंचायतों में निर्माण कार्य जारी है। शेष पंचायतों में जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है।
सिर्फ निर्माण नहीं, इस्तेमाल और रखरखाव भी जरूरी
डीडीसी ने अधिकारियों को दिसंबर की समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए एक्शन प्लान मोड में काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान केवल संरचनाएं बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इनका नियमित संचालन, रखरखाव और ग्रामीणों द्वारा प्रभावी उपयोग भी सुनिश्चित किया जाए। ग्राम स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के क्षमता वर्धन प्रशिक्षण पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को पंचायत स्तर पर जल्द प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में जिला समन्वयक सुमन कुमार मिश्रा, रितेश कुमार, इमरान आलम, सहायक अभियंता अभिजीत किशोर व प्रमोद कुमार हरिजन समेत संबंधित पदाधिकारी और कर्मी मौजूद थे।





