अंबेडकर चौक से कोर्ट परिसर और भगत सिंह चौक तक निगरानी का अभाव, मालपहाड़ी सड़क पर शाम होते ही भारी वाहनों की कतार।
पाकुड़। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था इन दिनों सवालों के घेरे में है। प्रमुख चौक-चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की नियमित मौजूदगी नहीं दिखने से वाहन चालकों की मनमानी बढ़ती जा रही है। अंबेडकर चौक, कोर्ट परिसर के बाहर, भगत सिंह चौक और इंदिरा चौक जैसे व्यस्त इलाकों में आए दिन जाम की स्थिति बन रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यातायात नियंत्रण के लिए तैनात व्यवस्था का असर जमीन पर नजर नहीं आ रहा है।
मालपहाड़ी सड़क पर स्थिति और गंभीर है। नो-एंट्री वाले हिस्से में पुलिसकर्मी की तैनाती तो दिखाई देती है, लेकिन शाम ढलते ही बड़े वाहन सड़क पर दो-तीन कतारों में खड़े हो जाते हैं। इससे सड़क का बड़ा हिस्सा घिर जाता है और आवागमन बाधित होता है। जिस स्थान पर ट्रैफिक नियंत्रण होना चाहिए, वहां अक्सर ईंट लदे ट्रैक्टरों की कतार भी देखी जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण समस्या लगातार बनी हुई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शहर में जाम की दूसरी बड़ी वजह टोटो का बेतरतीब परिचालन बताया जा रहा है। अंबेडकर चौक और इंदिरा चौक के आसपास टोटो चालक सड़क किनारे और कई बार सड़क के बीच में ही वाहन खड़ा कर यात्रियों को बैठाते-उतारते हैं। इससे पीछे वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। कोर्ट के समीप भी टोटो चालकों की मनमानी से यातायात प्रभावित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई कब?
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई टोटो चालक बिना संकेत दिए अचानक सड़क पर वाहन मोड़ देते हैं। न दिशा का ध्यान रखा जाता है और न ही यातायात नियमों का। कई टोटो चालकों के ड्रेस कोड को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि नियम केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि सड़क पर भी उनका पालन सुनिश्चित होना चाहिए। शहरवासियों का सवाल है कि जब प्रमुख चौक-चौराहों पर जाम और अव्यवस्थित पार्किंग रोज की समस्या बन चुकी है, तो ट्रैफिक पुलिस और रोड सेफ्टी टीम की नियमित निगरानी कहां है? लोगों ने अंबेडकर चौक, कोर्ट परिसर, इंदिरा चौक, भगत सिंह चौक और मालपहाड़ी सड़क पर विशेष अभियान चलाकर अवैध पार्किंग, नो-एंट्री उल्लंघन और टोटो के बेतरतीब परिचालन पर कार्रवाई की मांग की है।








