साहिबगंज:-राजमहल प्रखंड के सैदपुर उत्क्रमित मध्य विद्यालय के पारा शिक्षक अशोक चौधरी (55) की इलाज के अभाव में हुई मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है। शनिवार को पटना ले जाने के क्रम में रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत के बाद घर में पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक अपने पीछे पत्नी रूबी देवी, बेटी अनिमिषा कुमारी (18 वर्ष) और बेटा आयुष कुमार (16 वर्ष) को छोड़ गए हैं। तस्वीर में रोते-बिलखते परिजन पार्थिव शरीर के पास बैठे देखे जा सकते हैं, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो रही हैं।
संघ ने कहा – मानदेय का आधा लोन में, बाकी से इलाज कैसे हो?
सूचना मिलने पर राजमहल प्रखंड पारा शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रकाश भान राय सहित कई शिक्षक मृतक के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।
प्रकाश भान राय ने कहा, “अशोक जी लंबे समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। मानदेय का लगभग 50% लोन में चला जाता था, बचे 8-9 हजार में परिवार का भरण-पोषण और इलाज दोनों असंभव था। बेहतर इलाज न मिल पाने से ही उनकी जान गई है। पारा शिक्षकों के लिए सरकार की कोई स्वास्थ्य सुविधा नहीं है।”
उन्होंने सरकार से मृतक के परिवार को अनुकंपा सहायता और बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाने की मांग की है।
इस अवसर पर अशोक सेठ, शिबू प्रमाणिक, कुमार गोविंद, दिलीप कर्मकार, कर्मवीर साह सहित कई शिक्षकों ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।






