2023 में हुई थी दो भाइयों की हत्या, अदालत ने 10 दोषियों पर लगाया जुर्माना।
पाकुड़। महेशपुर थाना क्षेत्र के गणेशपुर गांव में करीब तीन साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड में अदालत ने 10 आरोपियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम कुमार क्रांति प्रसाद की अदालत ने बुधवार को सजा सुनाते हुए प्रत्येक दोषी पर अलग-अलग धाराओं में कुल निर्धारित जुर्माना भी लगाया। वहीं, साक्ष्य के अभाव में दो महिला आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया। अदालत ने 1 अक्टूबर 2026 को 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक लुकास कुमार हेम्ब्रम ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान कुल आठ गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
17 जून 2023 को हुई थी दो भाइयों की हत्या।
प्राथमिकी के अनुसार, 17 जून 2023 की शाम करीब पांच बजे गणेशपुर गांव में लखिराम मुर्मू के पुत्र वकील मुर्मू और देवीधन मुर्मू पर लाठी, डंडा, पत्थर और कुल्हाड़ी से हमला किया गया था। हमले में दोनों भाइयों की मौत हो गई थी। उन्हें बचाने पहुंचे परिजनों पर भी मारपीट कर घायल करने का आरोप लगाया गया था। घटना को लेकर महेशपुर थाना कांड संख्या 98/23 दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में 37 नामजद समेत अन्य अज्ञात महिला-पुरुषों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने जांच के बाद 40 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। न्यायालय में सुनवाई के दौरान 12 आरोपियों के खिलाफ मामला चला।
10 दोषियों को अलग-अलग धाराओं में सजा
दोषी पाए गए प्रधान सोरेन, ताहा सोरेन उर्फ डेनेक, रामजी सोरेन, रमेश सोरेन, ईश्वर सोरेन, लिलू सोरेन, सोहन हेम्ब्रोम, रोशन सोरेन उर्फ राजेन सोरेन, बीपी सिंह सोरेन और कालिदास सोरेन को धारा 302/149 के तहत आजीवन सश्रम कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा धारा 307/149 में आजीवन सश्रम कारावास व 50 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 325/149 में पांच वर्ष के सश्रम कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। धारा 147/149 और 148/149 के तहत भी क्रमशः एक और दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दी गई है। वहीं, बाले किस्कू और सोना मरांडी उर्फ चीनी मरांडी को अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर आईपीसी की धारा 120बी समेत सभी आरोपों से बरी कर दिया।





