एक माह बाद भी स्टेबलाइजर नहीं लगा, 48 घंटे में कमियां दूर करने का अल्टीमेटम; लापरवाही पर शोकॉज
पाकुड़, प्रतिनिधि। सदर अस्पताल सोनाजोड़ी में व्यवस्थाओं की हकीकत जानने रविवार को सिविल सर्जन डॉ. पीके संथालिया औचक निरीक्षण पर पहुंचे। अस्पताल परिसर और वार्डों में रात के समय रोशनी की व्यवस्था नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। वहीं, एसएनसीयू में स्टेबलाइजर लगाने और वोल्टेज की समस्या दूर करने का निर्देश एक माह बाद भी पूरा नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारी व कर्मचारी को शोकॉज जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही, सभी तकनीकी खामियां 48 घंटे के भीतर दूर करने की हिदायत दी। निरीक्षण के दौरान डॉ. दयानंद आर्य भी मौजूद रहे। सिविल सर्जन ने लेबर रूम, पुरुष वार्ड, महिला वार्ड, पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड और एसएनसीयू का जायजा लिया। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मी अपनी ड्यूटी पर तैनात मिले और काम करते पाए गए।
लाइट की व्यवस्था नहीं मिलने पर जताई नाराजगी।
अस्पताल परिसर और वार्डों में रात के समय रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिलने पर सिविल सर्जन ने संबंधित इलेक्ट्रीशियन मिंटू को फटकार लगाई। उन्होंने तत्काल विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया, ताकि मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को परेशानी न हो।
एसएनसीयू की खामियों पर 48 घंटे का अल्टीमेटम।
एसएनसीयू में स्टेबलाइजर लगाने और वोल्टेज संबंधी समस्याओं को दूर करने का निर्देश एक माह पहले दिया गया था। इसके बावजूद काम पूरा नहीं होने पर सिविल सर्जन ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित पदाधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ शोकॉज जारी करने का निर्देश देते हुए 48 घंटे में सभी तकनीकी कमियां दूर करने को कहा। सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि मरीजों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।








